कोसी में कटाव, खतरे में जुगाड़ पुल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Jan 2017 7:21 AM (IST)
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54 नौकाओं को जोड़ कर बनाया गया है जुगाड़ पुल सहरसा से महेशखूंट जाने का है सुगम रास्ता सिमरी : बीते दिनों दिन-रात एक कर दर्जनों नाविकों और मजदूरों ने नौकाओं को जोड़ जुगाड़ पुल तो बना लिया. लेकिन वर्तमान में उक्त पुल पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं. मिली जानकारी के अनुसार उसराहा […]
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54 नौकाओं को जोड़ कर बनाया गया है जुगाड़ पुल
सहरसा से महेशखूंट जाने का है सुगम रास्ता
सिमरी : बीते दिनों दिन-रात एक कर दर्जनों नाविकों और मजदूरों ने नौकाओं को जोड़ जुगाड़ पुल तो बना लिया. लेकिन वर्तमान में उक्त पुल पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं. मिली जानकारी के अनुसार उसराहा पार में जारी कटाव थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. अगर कटाव पर शीघ्र काबू नहीं पाया गया तो जुगाड़ पुल का एप्रोच पथ कोसी के गर्भ में समा सकता है. जिससे एक बार फिर सहरसा-खगड़िया सीमा पर बसे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. ज्ञात हो कि कुछ दिनों से जुगाड़ पुल के एप्रोच पथ की ओर कोसी का दवाब बढ़ गया है. जुगाड़ पुल से दस फीट की दूरी पर कोसी कटाव कर रही है और कटाव डेढ़ सौ फीट की लंबाई में चल रहा है.
अगर कोसी इसी रफ्तार में कटाव करती रहेगी तो एप्रोच पथ को बचाना मुश्किल हो जायेगा. इधर अग्रहण नाव यातायात समिति के रीना देवी ने बताया कि बीते 12 दिनों से कोसी का कटाव जारी है. कटाव एप्रोच पथ की ओर बढ़ रहा है और इसे रोकने का प्रयास किया जा रहा है. बताते चलें कि वर्ष 2010 में बीपी मंडल सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद नाविकों ने 54 नौकाओं को जोड़कर जुगाड़ पुल का निर्माण कर वाहनों को आर-पार कराया था. इसके बाद बिहार राज्य पुल निगम के द्वारा वर्ष 2011 में 17 करोड़ की लागत से स्टील पाइल ब्रिज का निर्माण करवाया गया. जो अगस्त 2014 में कोसी की तेज धारा में बह गया. वह अभी तक क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है. वहीं 1 अप्रैल 2015 को बीपी मंडल सेतु जीर्णोद्धार कार्य के संवेदक ने सेतु को सील कर मरम्मत कार्य आरंभ कर दिया, जो चल रहा है. सेतु को तोड़ने के बाद लोगों का पैदल चलना भी बंद हो गया तथा एकमात्र सहारा नौका बनी. इस बीच नाविकों ने दोबारा 2015 में 42 नौकाओं को जोड़कर जुगाड़ पुल तैयार किया. कोसी-बागमती में पानी बढ़ने बाद जुगाड़ पुल को हटाया गया. इसके बाद वर्ष 2016 में 84 नौकाओं को जोड़कर नौका पुल तैयार किया गया. बारिश में नदी के जलस्तर में वृद्धि बाद इसे हटाया गया. पुन: बीते वर्ष 47 नौकाओं को जोड़कर जुगाड़ पुल तैयार करने में नाविकों ने सफलता हासिल कर ली. 20 फीट चौड़ा 3 सौ मीटर लंबा जुगाड़ पुल को बनाने में एक पखवाड़ा का समय लगा. जुगाड़ पुल तैयार करने वाले नाविकों के अनुसार कोसी नदी के जलस्तर बढ़ने तक यानि मई 2017 तक इस पुल का संचालन होगा. हालांकि कटाव की वजह से एक आशंका का माहौल व्याप्त हो गया है.
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