डीएम की उपलब्धि देखने मत्स्यगंधा भी जा सकते हैं सीएम

Updated at : 26 Dec 2017 6:45 AM (IST)
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डीएम की उपलब्धि देखने मत्स्यगंधा भी जा सकते हैं सीएम

2012 के सेवा यात्रा में नीतीश ने संवारने की कही थी बात, लेकिन सरकार की ओर से नहीं हुई कोई पहल डीएम विनोद सिंह गुंजियाल ने अपने स्तर से संवारा झील के दिन, शुरू कराया नौका विहार झील के उत्तरी किनारों व पथ की की जा रही है मरम्मत सहरसा : तीन दिवसीय विकास समीक्षा […]

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2012 के सेवा यात्रा में नीतीश ने संवारने की कही थी बात, लेकिन सरकार की ओर से नहीं हुई कोई पहल

डीएम विनोद सिंह गुंजियाल ने अपने स्तर से संवारा झील के दिन, शुरू कराया नौका विहार
झील के उत्तरी किनारों व पथ की की जा रही है मरम्मत
सहरसा : तीन दिवसीय विकास समीक्षा यात्रा के क्रम में चार जनवरी को सहरसा आ रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिला प्रशासन अपनी उपलब्धि दिखाने मत्स्यगंधा भी ले जा सकता है. डीएम विनोद सिंह गुंजियाल के निर्देश पर झील के उत्तरी किनारों व पथों की युद्ध स्तर पर मरम्मती करायी जा रही है. मत्स्यगंधा जलाशय क्षेत्र की सभी मूर्तियों का रंग-रोगन कराया जा रहा है.
डीपीआर भी नहीं बनवा सकी सरकार: साल 2012 में सेवा यात्रा के क्रम में तीन दिवसीय दौरे पर सहरसा आए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दूसरे दिन मॉर्निंग वाक में मत्स्यगंधा की ओर गये थे. जहां जलकुंभी से भरी झील की जीर्ण-शीर्ण स्थिति देख उन्होंने मत्स्यगंधा के पुराने दिन लौटाने की घोषणा करते कहा था कि जल्द ही लोगों को पहले से बेहतर झील समर्पित किया जाएगा. तत्काल ही पटना से अभियंताओं की टीम बुलायी गई और एक करोड़ रुपये से झील को संवारने की बात कही गई थी. लेकिन सीएम की घोषणा के पांच वर्षों के बाद भी झील के जीर्णोद्धार का डीपीआर तक तैयार नहीं किया जा सका. राज्य सरकार का पर्यटन विभाग बयान दर बयान देता रहा. लेकिन झील में एक मजदूर तक नहीं उतारा जा सका.
सात लाख से अधिक की हो चुकी है आमदनी
इस साल दीपावली के बाद स्वच्छता अभियान में उतरे डीएम विनोद सिंह गुंजियाल ने सभी तालाबों की सफाई कराने के बाद छठ में मत्स्यगंधा झील में बोटिंग कराने की बात कही. इसके साथ ही उन्होंने जलकुंभी से पटे जलाशय की मजदूर, गोताखोर, जेसीबी व पोकलेन से काम शुरू करा दिया. रक्तकाली चौंसठ योगिनी मंदिर के बैंक खाते से पहले चरण में कोलकाता से छह पैडल बोट मंगाए गए. लकड़ी के चार नाव व दो शिकारा बनवाए गए. सुबह वाले अर्ध्य की अहले सुबह झील में सभी नावों को उतार नौका विहार का विधिवत उद्घाटन किया. झील में छह नवंबर से अब तक हुए नौका विहार से सात लाख रुपये से अधिक की आमदनी हो चुकी है. चूंकि मत्स्यगंधा जलाशय के दिन लौटाने व शहर को फिर से मनोरम पर्यटन देने में न तो राज्य सरकार ने दिलचस्पी दिखायी और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने. लिहाजा डीएम गुंजियाल अपने महत्वाकांक्षी कार्य को राज्य के मुखिया को दिखाना चाहेंगे ही.
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