शीतलहर और कोहरे से सब्जियों की फसलों पर खतरा, कृषि विभाग ने किसानों को चेताया, ऐसे करें बचाव

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 02 Jan 2023 12:14 PM

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बिहार में शीतलहर और कोहरे के कारण सब्जियों की फसल पर खतरा मंडरा गया है. प्रदेश में अगर थोड़ा सा और तापमान गिरते ही आलू, बैंगन, पत्ता गोभी, फूल गोभी, लहसुन, मेथी समेत अन्य सब्जियों की फसल नष्ट हो सकती है.

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बिहार में कड़ाके की ठंड से किसानों के समक्ष गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है. पिछले कई दिनों से चल रही तेज हवाओं के साथ शीतलहर के कारण खेत खलियान पर गहरा प्रभाव पड़ा है. किसानों की मानें तो आलू और गोभी समेत कई फसलें बर्बाद हो रही हैं. उनमें पाले का असर ज्यादा है.

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आलू, पालक, मेथी, धनिया, गोभी की फसल झुलसा रोग की चपेट में तेजी से आ रही है. इन सब्जियों की फसल का पौधा मुरझा कर सूखने लगा है. ऐसे में किसानों की माने तो 30 से 40 प्रतिशत तक फसल के उत्पादन में गिरावट आ सकती है.

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प्रदेश में लगातर पड़ रही ठंड से फसलों में पाला का प्रकोप हो गया है. इससे बैंगन, आलू, गोभी समेत कई सब्जियों को नुकसान पहुंचा है. अत्यधिक ठंड के कारण फसल पर कोहरे की बूंद पड़ कर बर्फ की तरह जम जाती है. इससे संवेदनशील क्रॉप का सेल फट जाता है. यही कारण है कि फसलों का ग्रोथ रुक जाता है.

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लगातार बढ़ रही ठंड के कारण सब्जियों की फसलों पर इसका असर दिखने लगा है. सब्जियों की फसल झुलसा रोग की चपेट में तेजी से आने लगी है. पत्ता और फूल गोभी की फसल को लाही कीट ने जकड़ना शुरू कर दिया है. गोभी की फसल सबसे ज्यादा लागत वाली मानी जाती है. पाला, कोहरा व सर्द हवाओं ने गोभी की फसल को भारी प्रभावित किया है.

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बिहार में लगातार बढ़ रही ठंड के कारण सब्जियों की फसलों पर इसका असर दिखने लगा है. किसानों की मानें तो मौसम का उलटफेर रबी की लगभग सभी फसलों को प्रभावित कर रहा है. आलू फसल झुलसा रोग की चपेट में आ रही है.

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लहसुन की फसल में झुलसा रोग ने दस्तक दे दी है. पिछले एक सप्ताह से मौसम खराब चल रहा है. पाला, कोहरा व सर्द हवाओं के साथ मौसम की लुका छुपी ने लहसुन की फसल को भारी प्रभावित किया है.

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पाला से बचाव के उपाय

पाले की संभावना को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार खेत की सिंचाई कर देनी चाहिए. इससे मिट्टी का तापमान कम नहीं होता है. गंधक को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ फसल पर छिड़काव करने से पाले का असर कम होता है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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