गुरुजी ही ''खा'' गये 16 लाख रुपये की खिचड़ी !
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 Mar 2017 12:52 AM (IST)
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स्कूलों के प्रधानों से वसूली शुरू हुई, तो मचा हड़कंप सासाराम शहर : गरीब बच्चों की खिचड़ी में सेंधमारी की खबरें लगातार आती रही हैं. सेंधमारी को रोकने के लिए शिक्षा विभाग के एमडीएम शाखा ने बच्चों की उपस्थिति व भोजन खाने वालों की मिलान करनी शुरू की तो लाखों रुपये के घपले का पता […]
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स्कूलों के प्रधानों से वसूली शुरू हुई, तो मचा हड़कंप
सासाराम शहर : गरीब बच्चों की खिचड़ी में सेंधमारी की खबरें लगातार आती रही हैं. सेंधमारी को रोकने के लिए शिक्षा विभाग के एमडीएम शाखा ने बच्चों की उपस्थिति व भोजन खाने वालों की मिलान करनी शुरू की तो लाखों रुपये के घपले का पता चला. इसी क्रम में एमडीएम शाखा ने सरकारी स्कूलों के प्रधानों द्वारा डकारे गये खिचड़ी के करीब 16 लाख रुपये अबतक वसूल किये हैं.
एमडीएम शाखा की कार्रवाई को देख प्रधानों में हड़कंप मचा है. वे इसकी गति को रोकने के लिए कई शिक्षक संघों का सहारा लेने लगे हैं. कई शिक्षक संघ में इस घालमेल में आरोपितों को बचाने के लिए सुर तेज करने लगे हैं. एमडीएम के डीपीओ राजदेव राम के अनुसार सौ से अधिक स्कूलों की जांच में एमडीएम में घालमेल पाया गया है. अबतक करीब 16 लाख रुपये की वसूली गयी है. एमडीएम में घपला सामने आने का सिलसिला अगस्त 2016 में शिवसागर प्रखंड से शुरू हुआ. जहां के करीब आधा दर्जन स्कूलों से करीब चार लाख रुपये वसूली गयी थी. उसके बाद दिसंबर 2016 में 71 स्कूलों से करीब 10 लाख रुपये वसूले गये. कई ऐसे स्कूल भी जांच में पकड़े गये हैं, जिनके स्कूल में चोरी हुई. चोर सारा बर्तन ले गये. चोरी होने व बर्तन खरीदने के बीच की अवधी में भी बच्चों को एमडीएम परोसे जाने की सूचना प्रधानों से विभाग को दी. बाद के दिनों में यही सब चूक प्रधानों को महंगे पड़ गये हैं.
गौरतलब है कि अधिकतर स्कूलों में छात्रों का फर्जी हाजिरी बना एमडीएम के रुपये निकालने का मामला पकड़ा गया है. इन स्कूलों के प्रधानों को जुर्माना के रुपये स्कूल के ही विद्यालय शिक्षा समिति के खाता में जमा करने का आदेश है.
सवाल उठता है कि रुपये विद्यालय शिक्षा समिति के खाते में जमा करने पर क्या उसका दुरूपयोग नहीं होगा? समिति के खाता का संधारण उन्हीं लोगों के हाथों में है, जो एमडीएम के रुपये हड़पने के आरोपित हैं. लोगों का मानना है कि रुपये की वसूली के साथ आरोप सिद्ध प्रधान पर विभागीय कार्रवाई भी होनी चाहिए.
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