कालाधन छुपाने के लिए किराये पर बैंक खाता
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Nov 2016 5:05 AM (IST)
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गरीबों को कमीशन का प्रलोभन देकर हो रहा खातों का इस्तेमाल सासाराम शहर : नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार कालाधन छुपाने वालों के प्रत्येक गुप्त रास्तों पर रोडे डाल दे रही है. मगर कालाधन छुपाने वाले नयी-नयी तरकीब खोज ले रहे हैं. अब ऐसे लोग ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब व निर्धन लोगों को रुपये का […]
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गरीबों को कमीशन का प्रलोभन देकर हो रहा खातों का इस्तेमाल
सासाराम शहर : नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार कालाधन छुपाने वालों के प्रत्येक गुप्त रास्तों पर रोडे डाल दे रही है. मगर कालाधन छुपाने वाले नयी-नयी तरकीब खोज ले रहे हैं. अब ऐसे लोग ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब व निर्धन लोगों को रुपये का प्रलोभन देकर उनके खाते में 50 हजार रुपये तक जमा करा रहे हैं. इसके बदले में उनको पांच सौ रुपये खाते का किराया दे रहे हैं. पांच सौ व एक हजार रुपये का नोट बंद होने पर लाखों-करोड़ों रुपये छुपा कर बैठे लोगों को चिंता सता रही है कि आखिरकार उनकी कमाई का क्या होगा. अगर उन्होंने रुपये बैंक खाते में डाले तो आयकर विभाग के चाबुक की मार उनकी जान निकाल लेगी.
कुछ लोगों ने इसका तोड़ निकाला है. वह ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर गरीब व निर्धन लोगों से संपर्क कर रहे हैं, जिनके पास बैंक खाते हैं. लेकिन उनमें रुपये जमा नहीं हुए हैं. ऐसे लोगों को बहला-फुसला कर उनके खातों में 50 हजार रुपये तक जमा कर रहे हैं. उन्हें 50 हजार रुपये जमा करने पर पांच रुपये खाते का किराया दे रहे हैं. लोगों से एडवांस में निकासी का फाॅर्म जमा करवा ले रहे हैं, ताकि जब उन्हें रुपये निकालने हों तो अपनी मरजी से निकाल लें. इसके लिए खाता धारक को ढूंढ़ना न पड़े. ग्रामीण क्षेत्र में लोग इनके चक्कर में फंस भी रहे हैं. उन्हें लगता है कि बिना मेहनत के पांच सौ रुपये मिल जायेंगे. कर व वित्त सलाहकार अमरेंद्र शर्मा का कहना है कि 50 हजार रुपये तक नकद जमा करने के लिए पैन कार्ड की जरूरत नहीं होती है. इसलिए लोग 50 हजार तक ही जमा कर रहे हैं. एसबीआइ के चीफ मैनेजर पवन कुमार सिंह का कहना है कि बैंक में जो भी व्यक्ति रुपये जमा कराने आ रहा है. उसके रुपये जमा किये जा रहे हैं.
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