मुश्किल है लक्ष्य पाना

Published at :17 Dec 2013 3:13 AM (IST)
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मुश्किल है लक्ष्य पाना

धान खरीद केंद्र तक नहीं आ रहे किसान सासाराम (ग्रामीण) : जिले में धान की खरीद के लिए 10 दिसंबर को एसएफसी ने 23 क्रय केंद्र तो खोल दिया गया, लेकिन छह दिनों में एक छटांक धान की खरीद नहीं की गयी है. ऐसी स्थिति में लक्ष्य प्राप्त करना जिला प्रशासन के लिए आसान नहीं […]

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धान खरीद केंद्र तक नहीं आ रहे किसान

सासाराम (ग्रामीण) : जिले में धान की खरीद के लिए 10 दिसंबर को एसएफसी ने 23 क्रय केंद्र तो खोल दिया गया, लेकिन छह दिनों में एक छटांक धान की खरीद नहीं की गयी है. ऐसी स्थिति में लक्ष्य प्राप्त करना जिला प्रशासन के लिए आसान नहीं है. यही नहीं वित्त वर्ष 2012-13 में 241 पैक्सों व 22 एसएफसी ने क्रय केंद्र खोल कर लक्ष्य दो लाख मीटरिक टन प्राप्त किया.

लेकिन, इस बार महज 173 पैक्स ही धान की खरीद कर पायेंगे. शेष 90 पैक्स डिफॉल्टर घोषित हैं, जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में 50 हजार मीटरिक टन एसएफसी व एक लाख 70 हजार मीटरिक टन पैक्सों से धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस स्थिति में कुल 20 पैक्स को विभाग ने सीसी की राशि जमा करने के बाद क्लिन चीट दिया है.

वित्त वर्ष 2013-14 में कुल दो लाख 10 हजार मीटरिक टन की खरीद करना है. पहले की तुलना में 10 हजार मीटरिक टन की खरीद ज्यादा करना है. लेकिन, पैक्सों की संख्या घटी है. इससे धान की खरीद का लक्ष्य कम क्रय केंद्रों पर ही ज्यादा करना पड़ेगा.

ऐसी स्थिति में लक्ष्य प्राप्ति मील का पत्थर साबित हो सकता है. वर्तमान स्थिति में छह दिनों में एक छटांक खरीदी नहीं की गयी क्योंकि एसएफसी की निर्धारित कानूनी पेच में किसान फंसे हैं. उन्हें कागजात जमा करने व लाइन की सीढ़ी पार करना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में लक्ष्य प्राप्त करना आसमां से तारा तोड़ने के बराबर है.

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