बुलाकी की मौत से गैंगवार का खतरा !
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :25 Dec 2017 4:36 AM (IST)
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हेराेइन तस्कर रहमान की मौत के बाद बुलाकी बन गया था जिले का बेताज बादशाह बंदी के बाद शराब तस्करी की ओर आकर्षित हुए बुलाकी को कई नये तस्कर देने लगे थे चुनौती सासाराम कार्यालय : 90 का दशक लोग भूले नहीं हैं. उस समय शहर की हर गली में हेरोइन के नशेड़ी उत्पात मचाते […]
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हेराेइन तस्कर रहमान की मौत के बाद बुलाकी बन गया था जिले का बेताज बादशाह
बंदी के बाद शराब तस्करी की ओर आकर्षित हुए बुलाकी को कई नये तस्कर देने लगे थे चुनौती
सासाराम कार्यालय : 90 का दशक लोग भूले नहीं हैं. उस समय शहर की हर गली में हेरोइन के नशेड़ी उत्पात मचाते फिरते थे. उसक समय शहर में हेरोईन तस्करी का बेताज बादशाह मुहल्ला सब्जी सराय निवासी रहमान मिया हुआ करता था. उसी कालखंड में बुलाकी का पदार्पण हेराइन की तस्करी में हुआ था. छोटे-छोटे खेप बेचना वाला बुलाकी वर्ष 2004 में रहमान की हत्या के बाद हेराइन तस्करी में जिले का बेताज बादशाह बन गया. तत्कालीन एसपी नैयर हसनैन खां ने बुलाकी के नेटवर्क को तोड़ डाला. तब से वह जिले में काम करना लगभग बंद कर चुका था. वर्ष 2005 में बुलाकी अपने वार्ड नंबर 25 से निर्विरोध चुनाव जीता. वार्ड पार्षद बनने के बाद धंधे की रूप रेखा बदल दी.
हेराेइन मामले में बुलाकी को हुई थी 10 वर्ष की कैद : वर्ष 2008 में उस वक्त के एसपी बच्चू सिंह मीणा ने बुलाकी को हेरोईन तस्करी मामले में गिरफ्तार किया था. वर्ष 2009 में स्पीडी ट्रायल में उसे 10 वर्ष की सजा सुनायी गयी थी. लेकिन, 4 वर्ष बाद ही जेल से वह रिहा हो गया. इस रिहाई को लोग समझ नहीं पाये.
शराब के धंधे में मिलने लगी थीं कई चुनौतियां
जेल से छूटने के बाद बुलाकी आलू का थोक व्यापार करने लगा. कुछ वर्ष ही बीते थे कि प्रदेश में शराबबंदी की घोषणा हो गयी. शराब के इस धंधे में अधिक मुनाफा देख पुराने वफादार इकट्ठा होने लगे. बुलाकी अपने अच्छे दिनों में काली कमाई से दूसरों को मदद कर एक अच्छी खासी वफादारों की फौज इकट्ठा कर ली थी. सब कुछ सामान्य चल रहा था. इसी बीच शराब के धंधे में वर्चस्व को लेकर 13 दिसंबर बुधवार की रात दो अपराधी गुटों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें दो जरायमपेशा जयराम चौधरी व महताब आलम मारे गये.
इस घटना में शक की सूई बुलाकी की ओर जाने लगी. उक्त घटना के छह दिन बाद बुलाकी पर हुए हमले को इसी गैंववार से जोड़ कर देखा जाने लगा. पुलिस व जानकार दबी जुबान से स्वीकार करने लगे कि हमला शराब के धंधे में वर्चस्व को लेकर हुआ है. इधर बुलाकी की मौत की खबर से उसके गुर्गे सकते में हैं और शहर के लोग दहशत में. गैंगवार की आशंका से लोग सहमें हैं. पुलिस फिलहाल कुछ कहने से परहेज कर रही है. लेकिन, सतर्कता बढ़ा दी गयी है.
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