बिहार में 15 जून से होगी बाढ़ प्रभावित गांवों की रेकी, आपदा बल और अधिकारी देंगे लोगों को बचाव के टिप्स

Updated at : 29 May 2021 12:02 PM (IST)
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बिहार में 15 जून से होगी बाढ़ प्रभावित गांवों की रेकी, आपदा बल और अधिकारी देंगे लोगों को बचाव के टिप्स

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समीक्षा बैठक के बाद आपदा प्रबंधन ने 15 जून से संभावित बाढ़ प्रभावित जिलों के गांवों व पंचायतों की रेकी कराने का निर्देश दिया है, जहां पूर्व के वर्षों में बाढ़ का कहर अधिक रहा है.

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पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समीक्षा बैठक के बाद आपदा प्रबंधन ने 15 जून से संभावित बाढ़ प्रभावित जिलों के गांवों व पंचायतों की रेकी कराने का निर्देश दिया है, जहां पूर्व के वर्षों में बाढ़ का कहर अधिक रहा है. इन गांवों में आपदा बल के जवान लोगों के बीच जाकर यह बतायेंगे कि कोरोना काल में अगर बाढ़ आती है, तो वह सुरक्षित कैसे बाहर निकलेंगे.

इसके लिए 10 जून से एनडीआरएफ- एसडीआरएफ के जवान जिलों में तैनात हो जायेंगे. रेकी के दौरान गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चों का ब्योरा बनेगा, ताकि बाढ़ के दौरान राहत व बचाव कार्य के समय आपदा बल को मालूम रहेगा कि किस गांव में बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती की संख्या कितनी है और उन्हें पहले निकाला जा सके.

जुलाई प्रथम सप्ताह से बढ़ने लगती है बाढ़ की आशंका

बिहार में 22 जून के बाद ही माॅनसून पहुंचता है. ऐसे में जब जिलों में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें तैनात हो जायेंगी, तो समय का सदुपयोग करते हुए रेकी करने का निर्णय लिया गया है.

इस काम में आपदा बल के साथ आपदा के अधिकारी भी रहेंगे. जिन्हें वैसे गांव और प्रखंड में जाना होगा,जो कि हाल के वर्षों में बाढ़ से प्रभावित होते रहे हैं. इन गांवों में जाकर एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ के जवान लोगों को कोरोना से बचाव के उपाय बतायेंगे.

बाढ़ के दौरान बाहर निकलने का देंगे टिप्स

खासकर अचानक से बाढ़ आने पर ग्रामीण कैसे बाहर निकलें, इसका टिप्स देंगे. जिसमें मास्क पहनने, परिवार के साथ मगर बाकी लोगों से सोशल डिस्टैंसिंग बनाये रखने के बारे में बताया जायेगा.

विभाग को भरोसा है कि आपदा बल के जवानों की ओर से किये जा रहे प्रयास का सकारात्मक असर दिखेगा. बाढ़ आ जाये, तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने में सुविधा होगी और इससे सामुदायिक संक्रमण को भी रोका जा सकेगा.

इन जिलों में रहता है अधिक बाढ़ से खतरा

बाढ़ के खतरे के मद्देनजर संवेदनशील जिलों में सबसे पहले आपदा बल की तैनाती होती है. बाढ़ में बचाव और अन्य अत्याधुनिक आपदा प्रबंधन उपकरणों के साथ कटिहार, अररिया, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया, नालंदा, छपरा, पटना तथा बक्सर में पहले होगी.

एसडीआरएफ की 14 टीमें और होमगार्ड के 100 जवानों को पूर्णिया, खगड़िया, सीवान, पटना, भागलपुर, सहरसा, मुजफ्फरपुर, वैशाली,मधुबनी, सीतामढ़ी, मधेपुरा, समस्तीपुर में तैनात किया जायेगा.

जवानों को कोरोना वायरस महामारी से निबटने के लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया गया है. जवानों को पीपीइ किट, सैनिटाइजर, मास्क, फेस शील्ड, साबुन, हैंड वाश, फैब्रिकेटेड फेस हुड कवर आदि व्यक्तिगत तौर पर दिया गया है.

Posted by Ashish Jha

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