भवानीपुर. माताओं ने रविवार को निर्जला रहकर संतान के दीर्घायु सुखद भविष्य की कामना हेतु जीवित्पुत्रिका व्रत किया. जितिया पर्व प्रायः सभी घरों में होता है. उपवास के दिन संध्या समय डलिया भरा जाता है .इस पर्व में खाजा का काफी महत्व है.बच्चों से डाली तोडवाने के बाद ही वह भोजन ग्रहण करती है.डाली का प्रसाद सर्वप्रथम अपने पुत्र को खिलाती हैं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

