महापुरुषों के अपमान को अब नहीं सहेंगे, सरकार बनाये सख्त कानून

Published by :ARUN KUMAR
Published at :23 Apr 2025 7:50 PM (IST)
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महापुरुषों के अपमान को अब नहीं सहेंगे, सरकार बनाये सख्त कानून

विजयोत्सव समारोह सह विराट क्षत्रिय सम्मेलन में महापुरुषों के अपमान पर सख्त कानून बनाने और बाबू बीर कुंवर सिंह को भारत रत्न से सम्मान करने समेत कुल बीस प्रस्ताव पारित किये गये.

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बाबू बीर कुंवर सिंह विजयोत्सव समारोह सह विराट क्षत्रिय सम्मेलन में कुल 20 प्रस्ताव पारित

पूर्णिया. स्थानीय कला भवन में मंगलवार को आयोजित बाबू बीर कुंवर सिंह विजयोत्सव समारोह सह विराट क्षत्रिय सम्मेलन में महापुरुषों के अपमान पर सख्त कानून बनाने और बाबू बीर कुंवर सिंह को भारत रत्न से सम्मान करने समेत कुल बीस प्रस्ताव पारित किये गये. सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रांतों से जुटे क्षत्रिय संगठनों ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इन मांगों को लेकर पूर्णिया से दिल्ली तक जन आंदोलन की घोषणा की. इससे पहले अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर महेंद्र सिंह ”तंवर” की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में शिवहर के विधायक चेतन आनंद ने प्रस्ताव पढ़ा. उन्होंने कहा कि आयेदिन महापुरुषों का अपमान किया जाता है. लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में हमारे पूर्वजों का अपमान कर जाते हैं . हमारे इतिहास के साथ छेड़छाड़ किया जाता है. इसलिए हम चाहते हैं कि महापुरुषों के अपमान पर तत्क्षण सख्त कानून बनायें, ताकि कोई भी व्यक्ति, समाज के किसी भी वर्ग को आहत कर देश के माहौल को बिगाड़ने में कामयाब न हो. उन्होंने देश भर के क्षत्रिय संगठनों का महासंघ बनाने, केंद्र और राज्य सरकारों में क्षत्रियों को सम्मान जनक साझेदारी हासिल पर भी जोर दिया. पूर्णिया के पूर्व सांसद उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने भी बाबू बीर कुंवर सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग को जायज ठहराया. उन्होंने इतिहास के छेड़छाड़ की भी निंदा की और कहा कि न केवल हमारे समाज बल्कि किसी भी समाज के इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि महापुरुषों के अपमान को लेकर पहले से सख्त कानून बने हैं, नया कानून बनाने की जरूरत नहीं है, सिर्फ उसे लागू करने की जरूरत है.

पारित किये गये प्रमुख प्रस्ताव

देश भर के क्षत्रिय संगठनों का महासंघ बने, केंद्र और राज्य सरकारों में क्षत्रियों को सम्मानजनक साझेदारी हासिल हो, आजादी के बाद से साजिशन जिन क्षत्रिय बहुल क्षेत्रों को विभाजित और आरक्षित किया गया है, उन्हें मुक्त कर सामान्य घोषित करने, इतिहास के विकृतिकरण को दंडनीय अपराध घोषित करने, नव निर्माणाधीन बिहटा एयरपोर्ट का नाम बाबू वीर कुंवर सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने, वीरों-वीरांगनाओं की कुर्बानियों की कहानियां पाठ्यक्रमों में शामिल करने, वीर पुरुषों के नाम से जारी वीरता पदक से सम्मानित करने, केंद्र सरकार युद्धक विमानों, युद्ध तोपों और टैंकों का नाम बाबू वीर कुंवर सिंह सहित इन महापुरुषों के नाम पर रखने की मांग शामिल है.

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