मनुष्य की मुक्ति की गाथा लिखने वाले पहले रचनाकार हैं रेणु : डॉ. मनोज

मनायी गयी फणीश्वरनाथ रेणु की जयंती
– पूर्णिया विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग में मनायी गयी फणीश्वरनाथ रेणु की जयंती पूर्णिया. पूर्णिया विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग में मंगलवार को अमर कथाशिल्पी फणीश्वरनाथ रेणु की जयंती मनायी गयी. रेणु के साहित्यिक मर्म को स्पष्ट करते हुए हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि रेणु साहित्य में प्रतिरोध के अनेक स्वर अनेक रूप और अनेक रंग हैं. रेणु मनुष्य की मुक्ति की गाथा लिखने वाले पहले रचनाकार हैं.इस रूप में उनका ऐतिहासिक महत्व है. हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ अनामिका सिंह ने रेणु के कहानी साहित्य पर प्रकाश डाला. डॉ. पुरंदर दास ने रेणु का लेखकीय उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि रेणु सर्वसमावेशी समाज की स्थापना करने के हिमायती थे . डॉ. जितेंद्र वर्मा ने रेणु के कथा शिल्प वैशिष्ट्य पर विचार व्यक्त किये. डॉ. वंदना भारती ने रेणु की आंचलिकता और उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा की. इस समारोह में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने रेणु की रचनाओं पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किये.
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By Prabhat Khabar News Desk
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