समारोह में झिझिया नृत्य की प्रस्तुति दे देश को दिखाएंगे बिहारी संस्कृति की झलक
विश्वजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में पूर्णिया की 25 सदस्यीय टीम कर रही है तैयारी
पूर्णिया. गणतंत्र दिवस समारोह में दिल्ली के कर्तव्य पथ पर पूर्णिया कला भवन के कलाकार देश के चर्चित गायक शंकर महादेवन के स्वर में तैयार गायन पर झिझिया नृत्य की प्रस्तुति देकर देश को बिहार की संस्कृति से रु-ब-रु कराएंगे. दिल्ली के कर्तव्य पथ पर इन कलाकारों का रिहर्सल शनिवार से शुरू हो जाएगा. कला भवन, पूर्णिया का 25 सदस्यीय दल करोलबाग पूसा फार्म के मैदान में विगत 10 जनवरी से देश के अन्य राज्यों से आए कलाकारों के साथ इसकी तैयारी में जुटे हैं. पूर्णिया के वरिष्ठ रंगकर्मी एवं भिखारी ठाकुर अवार्ड से सम्मानित विश्वजीत कुमार सिंह इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. 3000 से अधिक लोक कलाकार एवं शास्त्रीय नृत्य कलाकार को समेकित कर तैयारी की जा रही है. पूर्णिया से विश्वजीत कुमार सिंह, कला भवन पूर्णिया एवं पटना से भारतेंदु चौहान,सबेरा कला केंद्र पटना की टीम दिल्ली के कर्तव्य पथ पर बिहार की संस्कृति प्रदर्शन के लिए सभी कलाकार को तैयार कर रहे हैं.
गौरतलब है कि झिझिया बिहार का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसे पौराणिक नगर मिथिला में प्रस्तुत किया जाता है. यह नृत्य केवल महिलाओं द्वारा किया जाता है. नवरात्रि के पूरे नौ रात्रियों के उत्सव में देवी लक्ष्मी, पार्वती और सरस्वती के तीन रूपों की पूजा की जाती है. दुर्गा पूजा के मौके पर इस नृत्य में लड़कियां बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती हैं. इस नृत्य में कुवारीं लड़कियां अपने सिर पर जलते दिए एवं छिद्रयुक्त घड़ा को लेकर नाचती हैं. 25 कलाकारों में चांदनी शुक्ला, गरिमा कुमारी, प्रीति डे, उदय कुमार सिंह, रिया डे, रिंकल कुमारी, आकांक्षा निशु, दीप प्रिया, संजना कुमारी, काजल देवनाथ, सुप्रिया सरकार, अनामिका दास, समीक्षा डे, लखी प्रिया, स्नेहा झा, सपना कुमारी, कृपा राय, संजना दास, नेहा राज, भास्मती कर्मकार, सुहानी भगत, आदि कलाकार कर्तव्य पथ पर रिहर्सल करेंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

