पूर्णिया में नगर निकाय कर्मचारियों के आंदोलन को मिला सांसद पप्पू यादव का समर्थन, बोले- सफाईकर्मियों के साथ अन्याय अब बर्दाश्त नहीं
आंदोलनरत कर्मचारियों से मुलाकात करते सांसद प्रवक्ता | Prabhat Khabar Network
पूर्णिया में नगर निकाय कर्मचारियों का आंदोलन एक नए मोड़ पर पहुंच गया है, जिसे अब सांसद पप्पू यादव का समर्थन प्राप्त है. दैनिक वेतनभोगी, संविदा और अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण, ठेका व्यवस्था को समाप्त करने और एसीपी/एमएसीपी लाभों की मांग प्रमुख है.
Purnia News: पूर्णिया में नगर निकाय कर्मचारियों का आंदोलन अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एक्टू) के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहे राज्यव्यापी आंदोलन को पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का समर्थन मिला है. सांसद के प्रवक्ता राजेश यादव आंदोलन स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों के साथ एकजुटता जताई.
उन्होंने कहा कि नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में कार्यरत सफाईकर्मी और अन्य कर्मचारी वर्षों से शहरों को साफ-सुथरा रखने, कचरा प्रबंधन और आवश्यक नागरिक सेवाओं को बनाए रखने का काम कर रहे हैं. इसके बावजूद उन्हें आज भी स्थायी रोजगार, सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन जैसी मूल सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं.
आखिर क्या हैं कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और कई बार सरकार को ज्ञापन सौंपने तथा वार्ता करने के बावजूद समाधान नहीं निकला. संयुक्त संघर्ष मोर्चा की तीन सूत्री मांगों को राजेश यादव ने पूरी तरह न्यायसंगत और व्यावहारिक बताया.
पहली मांग वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, संविदा और अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की है. कर्मचारियों का कहना है कि कई लोग वर्षों से लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है.
दूसरी मांग नगर निकायों में लागू ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त कर कर्मचारियों को सीधे नगर निकाय का कर्मचारी घोषित करने की है. आंदोलनकारियों का आरोप है कि ठेका व्यवस्था के कारण बिचौलिया तंत्र मजबूत हुआ है, आर्थिक शोषण होता है और वेतन में अवैध कटौती जैसी समस्याएं बनी रहती हैं.
तीसरी मांग एसीपी और एमएसीपी योजना का लाभ सभी नगर निकाय कर्मचारियों को उपलब्ध कराने तथा वर्षों से लंबित बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की है.
पप्पू यादव के प्रतिनिधि ने सरकार को दी चेतावनी
धरनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राजेश यादव ने कहा कि सफाईकर्मी शहर की सबसे आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी हैं. यदि इन्हें न्याय नहीं मिलेगा तो इसका असर सीधे आम नागरिकों पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और सरकार को तत्काल उनकी मांगों पर निर्णय लेना चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय कई मामलों में सरकार को कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का निर्देश दे चुका है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है. बार-बार आश्वासन मिलने के कारण कर्मचारियों का भरोसा कमजोर हुआ है और यही वजह है कि उन्हें आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा.
शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
नगर निकाय कर्मचारियों का यह आंदोलन केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है. यदि हड़ताल लंबी चली तो शहरों की सफाई व्यवस्था, कचरा उठाव, नालियों की सफाई और अन्य आवश्यक नागरिक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. इसका असर बाजारों, आवासीय इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर भी देखने को मिल सकता है.
स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार और आंदोलनकारी संगठनों के बीच जल्द वार्ता नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है. कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस बार ठोस निर्णय के बिना आंदोलन वापस लेने के पक्ष में नहीं हैं.
Purnia News: ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने सांसद पप्पू यादव के नाम ज्ञापन भी सौंपा. आंदोलन में बैजनाथ सिंह, फनु मल्लिक, बादल मल्लिक, प्रहलाद पासवान, धर्म मल्लिक, संजय मल्लिक, पप्पू मल्लिक, राकेश मल्लिक, मनोज मल्लिक और जयकि मल्लिक सहित कई कर्मचारी नेता मौजूद रहे.
अब निगाहें राज्य सरकार पर टिकी हैं कि वह संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर कोई समाधान निकालती है या आंदोलन और तेज होता है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे का असर नगर निकाय सेवाओं और स्थानीय राजनीति दोनों पर पड़ सकता है.
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लेखक के बारे में
By अरुण कुमार
अरुण कुमार प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर के पूर्णिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.
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