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Purnia news : अब आम आदमी को रूलाने लगा है प्याज, सब्जियां भी पहुंच से बाहर

Updated at : 19 Nov 2024 11:58 PM (IST)
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Purnia news : अब आम आदमी को रूलाने लगा है प्याज, सब्जियां भी पहुंच से बाहर

Purnia news : सब्जियों का स्वाद निखारने वाला प्याज खुले बाजार में 80 रुपये किलो तक पहुंच गया है.लहसून की कीमत भी आसमान छू रही है.

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Purnia news : प्याज और लहसुन की बढ़ती कीमतों से खरीदार परेशान हैं. इनकी बढ़ती कीमत से लोगों को अब सब्जी का स्वाद भी फीका लग रहा है. लहसुन की कीमत तो पूरे साल बढ़ी रही, पर अब प्याज ने भी रूलाना शुरू कर दिया है. महंगाई का आलम यह है कि भोजन की थाली से हरी सब्जी भी गायब होने लगी है. सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं. परेशानी यह है कि हरी सब्जी के साथ-साथ आलू भी महंगा हो गया है. हालांकि कई लोग कहते हैं कि महंगा होने से कोई फर्क नहीं पड़ता, खाने की चीज है तो लेना ही होगा, पर प्रयोग में मात्रा को कम कर दिया जिस कारण स्वाद बिगड़ जाता है.

लहसुन की कीमत भी आसमान छू रही

दरअसल, बाजार में बेकाबू महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है. सब्जियों का स्वाद निखारने वाला प्याज खुले बाजार में 80 रुपये किलो तक पहुंच गया है.लहसून की कीमत भी आसमान छू रही है. आलम यह है कि पिछले 20 से 25 दिनों में आलू 10 रुपये और प्याज 20 रुपये प्रति किलो महंगा हो गया है. हरी सब्जियों का दाम 50 रुपये के पार है. आलू जो 20 दिन पहले 30 रुपये प्रति किलो के दाम पर बिकता था, उसका दाम 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. प्याज 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. लोग अब कहने भी लगे हैं कि आलू-प्याज और लहसुन की बढ़ती कीमत से किचन भी सूना-सूना रहता है. इस महंगाई से मध्यमवर्गीय ही नहीं हर वर्ग परेशान है.

राशन आइटम संग सब्जियां भी दे रहीं झटका

राशन सामग्रियों के साथ सब्जियां भी झटका दे रही हैं. स्थिति यह कि आम आदमी सब्जी बाजार में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है.किचेन में बड़ी मुश्किल से हरी सब्जी देखने को मिल रही है. पेट भरने के लिए लोग किसी तरह पाव भर व आधा किलो सब्जी खरीद रहे हैं. महंगाई ने गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों की थाली से हरी सब्जियाें को दूर कर दिया है. एक आलू ही था जो आम लोगों का सहारा बना हुआ है, लेकिन अब यह आलू भी 40 रुपये तक पहुंच गया है.

भूल गये लोग टमाटर-मिर्च की चटनी

टमाटर-मिर्च की चटनी बनाना भी भारी पड़ रहा है. इसका स्वाद भी लोग भूलने लगे हैं. लहसुन ने तो पहले से ही लोगों के चेहरे को सफेद कर दिया है. धनिया पत्ता 200 रुपये प्रति किलो, तो टमाटर 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. यदि लहसुन की बात करें, तो यह 400 रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गया है. बैगन, फूल गोभी, पत्ता गोभी, भिंडी, परवल, बींस, कदीमा, शिमला मिर्च, ओल आदि के भाव आसमान पर हैं. लोग किलो की जगह आधा किलो व पाव में सब्जी खरीद रहे हैं.

महंगा खरीद रहे, तो बेच रहे महंगा

पूर्णिया के मधुबनी बाजार के सब्जी विक्रेता कहते हैं कि महंगा खरीद रहे हैं, तो महंगा बेच रहे हैं. एक माह पहले चक्रवाती बारिश से सब्जियों के पौधे बर्बाद हो गये थे. सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी से विक्रेताओं को भी नुकसान हो रहा है. जो लोग पहले किलो के हिसाब से सब्जियां खरीदते थे, अब आधा किलो के हिसाब से खरीद रहे हैं. लोग प्याज एक किलो की जगह पाव भर के हिसाब से खरीद रहे हैं. ऐसे में पहले की अपेक्षा अभी सब्जियां कम बिक रही हैं. स्थानीय स्तर पर सब्जी उत्पादन कम होने के कारण बाहर से मंगाया जा रहा है.

आटा, तेल व दाल भी हुआ महंगा

इधर, बाजार में आटा, तेल, दाल, चना दाल, मूंग दाल, मटर, चना समेत अन्य हर किसी के भाव बढ़े हुए हैं. ऐसे में परिवार का रसोई बजट बिगड़ गया है. दाल और सब्जी में कटौती की नौबत आ गयी है. इससे आमजन और मध्यम वर्ग के लोग काफी परेशान हैं. बाजार में आटा 40 रुपये प्रति किली के पार हो गया है. सरसों तेल एक लीटर धारा पाउच 155 से 160 रुपये तक पहुंच गया है. चना व मसूर दाल सौ रुपये किलो तक पहुंच गया है.

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Sharat Chandra Tripathi

लेखक के बारे में

By Sharat Chandra Tripathi

Sharat Chandra Tripathi is a contributor at Prabhat Khabar.

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