पूर्णिया अदालत का सख्त संदेश, एसिड अटैक के दो दोषियों को 10-10 साल की जेल
सांकेतिक तस्वीर | Prabhat Khabar Network
पूर्णिया में बड़हरा कोठी एसिड अटैक मामले में अदालत ने दो दोषियों को 10-10 साल की सश्रम कारावास और 52-52 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. इस फैसले को तेजाब हमलों के खिलाफ एक सख्त न्यायिक संदेश माना जा रहा है. यह घटना 2025 में हुई थी, जिसमें हमलावर ने युवक पर तेजाब फेंका था, और बचाव करने वाले भी घायल हो गए थे.
Purnea News: पूर्णिया में बड़हरा कोठी के बहुचर्चित एसिड अटैक मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय, पूर्णिया ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने दोनों दोषियों पर 52-52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह फैसला केवल एक आपराधिक मामले का निपटारा नहीं, बल्कि तेजाब हमलों के खिलाफ सख्त न्यायिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है.
मामला वर्ष 2025 में बड़हरा बाजार में हुए उस हमले से जुड़ा है, जिसमें एक युवक पर तेजाब फेंका गया था और उसे बचाने पहुंचे तीन अन्य लोग भी एसिड की चपेट में आकर घायल हो गए थे. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़ितों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया.
अदालत ने सुनाया सख्त फैसला
जिला एवं सत्र न्यायालय, पूर्णिया की 11वें अपर सत्र न्यायाधीश स्वाति कुमारी सिंह की अदालत ने कुंदन स्वर्णकार और राजीव स्वर्णकार को एसिड हमला मामले में दोषी पाते हुए प्रत्येक को 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 52,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई.
सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक हरे राम ठाकुर ने प्रभावी पैरवी की. अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अनुसंधान के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत के सामने मजबूत पक्ष रखा, जिसे अदालत ने स्वीकार किया.
कैसे हुआ था एसिड हमला
अभियोजन के अनुसार, बड़हरा कोठी थाना कांड संख्या 167/2025 में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक 19 जुलाई 2025 की रात बड़हरा बाजार स्थित अर्जुन साह की दुकान के पास वासुदेवपुर निवासी निलेश कुमार का दोनों अभियुक्तों से विवाद हुआ था.
अगले दिन 20 जुलाई 2025 को विवाद बढ़ने पर कुंदन स्वर्णकार और राजीव स्वर्णकार ने निलेश कुमार पर तेजाब फेंक दिया. इस हमले में निलेश कुमार की पीठ और दाहिना हाथ गंभीर रूप से झुलस गया.
बीच-बचाव करने पहुंचे लोग भी हुए थे घायल
घटना के दौरान सबसे दुखद पहलू यह था कि केवल मुख्य पीड़ित ही नहीं, बल्कि उसे बचाने की कोशिश करने वाले लोग भी एसिड की चपेट में आ गए. बीच-बचाव करने पहुंचे मृत्युंजय कुमार और हिमांशु कुमार के अलावा सब्जी खरीदने आए 60 वर्षीय विन्देश्वरी मंडल भी तेजाब से घायल हो गए थे.
इससे यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक स्थान पर हुए ऐसे हमले में कई निर्दोष लोग भी प्रभावित हुए.
साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष पीड़ितों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और पुलिस अनुसंधान के दौरान जुटाए गए अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए. अदालत ने इन सभी तथ्यों का परीक्षण करने के बाद दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया.
न्यायालय का यह निर्णय दर्शाता है कि तेजाब जैसे घातक हथियार का इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति को गंभीर शारीरिक क्षति पहुंचाना अत्यंत गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कठोर दंड दिया जाएगा.
Purnea News: समाज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
एसिड हमला किसी व्यक्ति के शरीर के साथ-साथ उसके मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन को भी गहराई से प्रभावित करता है. ऐसे मामलों में पीड़ित को लंबे समय तक इलाज, पुनर्वास और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.
पूर्णिया अदालत का यह फैसला उन मामलों में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, जहां व्यक्तिगत विवाद हिंसक रूप लेकर गंभीर अपराध में बदल जाता है. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फैसले समाज में यह संदेश देते हैं कि तेजाब हमला जैसे अपराधों के प्रति न्यायपालिका का रुख बेहद सख्त है और दोषियों को कड़ी सजा से राहत नहीं मिलेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अरुण कुमार
अरुण कुमार प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर के पूर्णिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










