पैरों की नसों की बीमारी (वेरिकोज वेन्स) के लिए 9 अगस्त को निःशुल्क शिविर, लेजर तकनीक से बिना चीरा-फाड़ा होगा इलाज

Updated:
विज्ञापन

डॉ. मितेश कुमार | Prabhat Khabar Network

पूर्णिया वासियों के लिए एक राहत भरी खबर: 9 अगस्त को वेरिकोज वेन्स के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है. सिलीगुड़ी के विशेषज्ञ डॉ. मितेश कुमार मरीजों को आधुनिक लेजर तकनीक से इलाज की जानकारी देंगे, जो बिना चीरा-फाड़ा होता है और त्वरित रिकवरी देता है.

विज्ञापन

पूर्णिया वासियों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. पैरों की नसों की गंभीर बीमारी वेरिकोज वेन्स (Varicose Veins) से जूझ रहे मरीजों के लिए आगामी 9 अगस्त को एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है. यह शिविर लाइन बाजार स्थित स्वास्थ्य नगरी में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसीएच) के सामने स्थित डॉ. देवी राम के क्लिनिक में आयोजित होगा. शिविर में सिलीगुड़ी के जाने-माने वेरिकोज वेन्स विशेषज्ञ डॉ. मितेश कुमार मरीजों को मुफ्त परामर्श और प्रारंभिक जांच की सुविधा प्रदान करेंगे.

इन लक्षणों से पीड़ित मरीजों के लिए वरदान साबित होगा शिविर

यह शिविर मुख्य रूप से उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो पैरों से जुड़ी निम्नलिखित समस्याओं से परेशान हैं:

  • प्रमुख लक्षण: पैरों की नसों में सूजन, लगातार दर्द, भारीपन, जलन या नीली-काली उभरी हुई टेढ़ी-मेढ़ी नसें.
  • बीमारी के मुख्य कारण: लंबे समय तक लगातार खड़े रहकर काम करना, बढ़ती उम्र, मोटापा, गर्भावस्था या आनुवंशिक (वंशानुगत) कारण.
  • समय पर इलाज जरूरी: विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समय रहते इस बीमारी का सही इलाज न कराया जाए तो आगे चलकर पैरों में घाव (अल्सर) या नसों में रक्त के थक्के जमने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

अब बिना बड़े ऑपरेशन के लेजर से संभव है इलाज

शिविर में अपनी सेवाएं दे रहे विशेषज्ञ डॉ. मितेश कुमार ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में आए नए बदलावों के कारण अब इस बीमारी से घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है:

उपचार विधिपुरानी तकनीक (सर्जरी)आधुनिक लेजर तकनीक (EVLT)
प्रक्रियाबड़ा चीरा और बड़ा ऑपरेशनबिना किसी चीरे या टांके के लेजर किरणों द्वारा
अस्पताल में भर्तीकई दिनों तक भर्ती रहना पड़ता थाभर्ती होने की आवश्यकता नहीं, तुरंत छुट्टी
रिकवरी का समयहफ्तों-महीनों बेड रेस्टमरीज कुछ ही घंटों में चलकर घर जा सकता है

सुरक्षित व त्वरित रिकवरी वाली तकनीक

डॉ. मितेश कुमार ने बताया कि आधुनिक एंडोवेनस लेजर ट्रीटमेंट (EVLT) तकनीक पूरी तरह सुरक्षित और बेहद प्रभावी है. इस प्रक्रिया के बाद मरीज बहुत जल्द अपने सामान्य दैनिक कामकाज पर लौट सकता है.

आयोजकों ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि 9 अगस्त को आयोजित होने वाले इस निःशुल्क शिविर में पहुंचकर अपनी जांच कराएं और विशेषज्ञ परामर्श का लाभ उठाएं.


विज्ञापन
अरुण कुमार

लेखक के बारे में

By अरुण कुमार

अरुण कुमार प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर के पूर्णिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन