बिहार के इस जिले में KYC नहीं कराने पर 5 हजार से ज्यादा लोगों का पेंशन बंद, अब क्या होगा?

Edited by Preeti Dayal
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सांकेतिक तस्वीर

Pension KYC: पूर्णिया जिले में 17,046 पेंशन लाभुक हैं, लेकिन अब तक केवल 11,899 लोगों ने ही केवाईसी कराया है. 5,147 लाभुक अब भी केवाईसी नहीं करा पाए हैं, जिसके कारण उनके पेंशन के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है.

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Pension KYC: बिहार में पेंशन योजना गरीब, बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग लोगों के लिए राहत का सहारा है. हर महीने मिलने वाली यह राशि उनके रोजमर्रा के खर्च में मदद करती है. लेकिन इस योजना का लाभ लेने के लिए केवाईसी (KYC) कराना जरूरी है. अगर लाभुक समय पर केवाईसी नहीं कराते हैं, तो उनकी पेंशन रोक दी जाती है.

पेंशन भुगतान पर लगी रोक

इसी तरह का मामला पूर्णिया जिले के भवानीपुर प्रखंड से सामने आया है, जहां केवाईसी नहीं कराने के कारण हजारों लोगों की पेंशन बंद हो गई है. जानकारी के अनुसार, प्रखंड में कुल 17,046 पेंशन लाभुक हैं. इनमें से अब तक 11,899 लोगों ने केवाईसी कराई है, जबकि 5,147 लाभुक अब भी केवाईसी से वंचित हैं. ऐसे में इन लोगों की पेंशन का भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है.

ग्रामीणों के बीच सुविधा और जानकारी का अभाव

जमीनी स्तर पर कई लोग अलग-अलग कारणों से केवाईसी नहीं करवा पाते हैं. कुछ लाभुकों को प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं होती, तो कुछ को बैंक या कैंप तक पहुंचने में परेशानी होती है. इसी वजह से कई लोग पेंशन और केवाईसी दोनों से जुड़ी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं.

करीब 30% लाभुक अभी भी केवाईसी से दूर

आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 30 प्रतिशत लाभुकों ने अब तक केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, जिससे वे योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं.

प्रशासन ने की ये अपील

प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार केवाईसी कराना अनिवार्य है. जब तक लाभुक अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, तब तक उन्हें पेंशन नहीं मिल सकेगी. उन्होंने सभी लाभुकों से जल्द से जल्द केवाईसी कराने की अपील की है, ताकि बंद पेंशन को फिर से शुरू किया जा सके.

प्रशासन ने साफ किया है कि केवाईसी के बिना किसी भी स्थिति में पेंशन का भुगतान नहीं किया जाएगा. इसलिए लाभुकों को समय रहते प्रक्रिया पूरी करनी होगी, ताकि उन्हें मिलने वाली आर्थिक मदद जारी रह सके.

(पूर्णिया से इंदेश्वरी यादव की रिपोर्ट)

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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