जीएमसीएच में कोविड प्रोटोकॉल की अनदेखी पड़ सकती है मंहगी

Edited by SATYENDRA SINHA
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बड़ी संख्या में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं सर्दी

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बड़ी संख्या में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं सर्दी, खांसी पीड़ित मरीज

मेडिकल कॉलेज में अबतक नहीं हो सकी है कोविड के जांच की शुरुआतपूर्णिया. सूबे में कोरोना के दस्तक के बाद इसका धीरे धीरे प्रसार शुरू हो गया है. यह बात दीगर जरूर है कि फिलहाल इसकी रफ़्तार धीमी है लेकिन जिस तरीके से कोरोना की जानकारी मिलने के बाद भी लोग कोविड प्रोटोकॉल को नजरअंदाज कर रहे हैं इससे इस बात का अंदेशा है कि वह दिन दूर नहीं जब इसकी गति के आगे सबकुछ पीछे छूट जाए. विशेष तौर पर जब किसी अन्य रोग का निदान ढूंढने के लिये अस्पतालों में आये लोग बड़ी संख्या में भीड़ लगाए हों. ठीक ऐसा ही हाल बना हुआ है राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में जहां ओपीडी से लेकर वार्ड तक में सामान्य दिनों की ही तरह लोगों की आवाजाही लगी हुई है. लेकिन कोविड प्रसार को लेकर लोग इस कदर बेतकल्लुफी के साथ पेश आ रहे हैं जिससे इसके प्रसार को बल मिल सकता है. चाहे चिकित्सक को दिखाने आये हों अथवा पैथलॉजी में जांच के लिए पहुंचे हों या फिर दवा लेने के लिए काउंटर पर ही क्यों न खड़े हों किसी भी तरह की बीमारी में वर्तमान स्थिति को देखते हुए कोविड प्रोटोकॉल की अनदेखी किसी के लिए भी मंहगी साबित हो सकती है.

मौसम में लगातार बदलाव से बढ़ा सर्दी खांसी का प्रकोप

इन दिनों जिले में मौसम का मिजाज़ बिलकुल पल में तोला और पल में माशा वाली बनी हुई है. मानसून पूर्व की हुई लगातार बारिश के साथ साथ कभी बूंदा बांदी, कभी तेज धुप, कभी बदली तो कभी सुबह के वक्त ठंड का जो आलम लगातार चल रहा है उससे भी लोग बीमार हो रहे हैं. बीमारियों में भी ख़ास तौर पर सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत आम है और कोरोना में भी कुछ इसी तरह के लक्षण सामने आते हैं. इधर बड़ी संख्या में इलाज के लिए सर्दी, खांसी पीड़ित मरीज विभिन्न अस्पतालों में पहुंच भी रहे हैं. जीएमसीएच के ओपीडी में प्रतिदिन आनेवाले कुल मरीजों में लगभग आधा संख्या में मरीजों के फिजिशियन से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं. इनमें से वैसे मरीजों की संख्या ज्यादा है जिन्हें सर्दी, खांसी और बुखार की समस्या है. ऐसे मरीजों में छोटे बच्चे से लेकर सभी उम्र के लोग शामिल हैं. हालांकि चिकित्सक द्वारा सभी का इलाज किया जा रहा है.

मेडिकल कॉलेज में अबतक नहीं हो सकी है कोविड के जांच की शुरुआत

कोविड के आगमन को लेकर एक तरफ जहां स्वास्थ्य विभाग एलर्ट मोड में आ गया है. जिला मुख्यालय सहित सभी अस्पतालों में स्पेशल व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है. जरुरत के मुताल्लिक मरीजों के लिए विशेष कमरे और बेड सुरक्षित रखे गये हैं इनके अलावा बेड तक ऑक्सीजन सप्लाई की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है जबकि अनेक रिफिल सिलेंडरों में भी ऑक्सीजन का पर्याप्त इंतजाम रखा गया है. जीएमसीएच में भी आईसीयू के पांच बेड के अलावा पांच अतिरिक्त बेड ट्रॉमा सेंटर में रखे गए हैं. वार्ड में भी जरुरत के अनुसार अलग से 50 बेड की व्यवस्था की गयी है जबकि विशेष आपात सेवा में भी विशेष मॉनिटर युक्त बेड कार्यरत हैं. लेकिन एक सबसे बड़ा पहलू यह है कि अभी तक जीएमसीएच में कोविड की संभावना के मद्देनजर आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था शुरू नहीं हो पायी है और दूसरा यह कि लोग पिछले कोरोना काल की सतर्कता को नजर अंदाज कर रहे हैं.

बोले अधिकारी

यह माध्यम दर्जे का कोविड संक्रमण है इसका कुछ ख़ास असर नहीं पड़ेगा. किसी को भी इसे लेकर पैनिक होने की जरुरत नहीं है. फिलहाल सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. जीएमसीएच के सेंट्रल पैथोलॉजी में कोविड प्रोफाइल की व्यवस्था है कई वजहों से भी इस तरह की जांच की जाती है. इनके अलावा एडवांस्ड टेस्ट, सीटी स्कैन के साथ साथ दवा की भी पर्याप्त व्यवस्था है. डॉ. संजय कुमार, अधीक्षक जीएमसीएच कोरोना से किसी को भी घबराने की जरुरत नहीं है. स्वास्थ्य विभाग स्थिति से निपटने के लिए बिलकुल तैयार है. इलाज से लेकर आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था रखी गयी है. मुख्य रूप से हीट वेव और विशेष परिस्थिति के लिए सभी अस्पतालों में वार्ड बने हुए हैं. आरटीपीसीआर जांच की भी व्यवस्था जल्द ही शुरू होगी इसके लिए सिर्फ किट की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी है.

नीरज कुमार निराला, एपीडेमोलोजिस्ट जीएमसीएच

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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