पूर्णिया जीएमसीएच में मरीज की मौत पर बवाल: डॉक्टरों से बदसलूकी करने वाले 4 हुड़दंगियों पर धारा 107 के तहत कार्रवाई, अन्य की तलाश जारी

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पूर्णिया जीएमसीएच में मरीज की मौत पर बवाल: डॉक्टरों से बदसलूकी करने वाले 4 हुड़दंगियों पर धारा 107 के तहत कार्रवाई, अन्य की तलाश जारी

अस्पताल में मौजूद पुलिस

पूर्णिया राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद परिजनों द्वारा जमकर हंगामा किया गया. अस्पताल परिसर में शांति व्यवस्था भंग करने, डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बदसलूकी करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में स्थानीय पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है. पुलिस ने इस उपद्रव में शामिल चार मुख्य लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ धारा 107 के तहत निरोधात्मक कानूनी कार्रवाई की है.

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टीबी से पीड़ित थे भागलपुर के मरीज, नाजुक स्थिति में कराए गए थे भर्ती

जीएमसीएच के स्वास्थ्य कर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार, 20-21 मई की दरमियानी रात को भागलपुर जिले के रंगरा इलाके से एक मरीज को अत्यंत गंभीर स्थिति में अस्पताल के आपातकालीन वॉर्ड में भर्ती कराया गया था. वह व्यक्ति ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) सहित कई अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित था. चिकित्सकों की टीम द्वारा त्वरित इलाज शुरू किए जाने के बावजूद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

मौत की खबर सुनते ही खोया आपा, अस्पताल में की तोड़फोड़ की कोशिश

मरीज की मृत्यु की आधिकारिक सूचना मिलते ही उनके साथ आए परिजन और रिश्तेदार अपना आपा खो बैठे. उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का झूठा आरोप लगाते हुए वॉर्ड के भीतर ही हंगामा काटना शुरू कर दिया. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया और अन्य मरीजों के इलाज का कार्य पूरी तरह ठप हो गया.

रेणु टीओपी पुलिस ने संभाला मोर्चा, थानाध्यक्ष ने दिखाई सख्ती

अस्पताल प्रबंधन द्वारा घटना की त्वरित सूचना तुरंत स्थानीय फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी (टाउन आउट पोस्ट) पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही टीओपी थानाध्यक्ष राजनंदिनी भारी पुलिस बल के साथ जीएमसीएच परिसर पहुंचीं और उपद्रव कर रहे लोगों को खदेड़कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया.

क्या है धारा 107 की कार्रवाई?

थानाध्यक्ष राजनंदिनी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर कानून हाथ में लेने और शांति व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित करने के आरोप में पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है.

  • मुख्य आरोपियों पर केस: हंगामा कर रहे भीड़ में से मुख्य 4 लोगों को मौके पर ही चिन्हित (आइडेंटिफाई) कर लिया गया है.
  • निरोधात्मक कार्रवाई: भविष्य में दोबारा ऐसी कानून-विरोधी गतिविधियों को रोकने और शांति भंग करने की आशंका के मद्देनजर इन चारों के खिलाफ धारा 107 (निरोधात्मक कार्रवाई) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर हंगामे में शामिल अन्य अज्ञात आरोपियों की भी शिनाख्त की जा रही है. चिकित्सा सेवा में बाधा डालने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा. वर्तमान में अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है.

पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट:

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दिव्यांशु प्रशांत

लेखक के बारे में

By दिव्यांशु प्रशांत

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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