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दिनकर केवल कवि नहीं बल्कि विराट चेतना के प्रतीक : प्रो. अनंत

Updated at : 23 Sep 2025 5:46 PM (IST)
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दिनकर केवल कवि नहीं बल्कि विराट चेतना के प्रतीक : प्रो. अनंत

हिन्दी विभाग की ओर से मनी राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती

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– पूर्णिया महिला महाविद्यालय के हिन्दी विभाग की ओर से मनी राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती पूर्णिया. पूर्णिया महिला महाविद्यालय के हिन्दी विभाग की ओर से राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती मनाई गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य प्रो. अनंत प्रसाद गुप्ता ने ओज के अमर कवि रामधारी सिंह दिनकर के योगदान पर बात करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं सिर्फ साहित्य नहीं थीं, बल्कि क्रांति की प्रतीक थी. दिनकर केवल कवि नहीं विराट चेतना के प्रतीक रहे. हिन्दी विभाग की प्राध्यापिका मीना कुमारी रजक ने दिनकर के साहित्य की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर बात करते हुए उन्हें साहित्य का सशक्त हस्ताक्षर कहा. डॉ नीतू कुमारी ने श्रीकृष्ण की चेतावनी काव्य का पाठ करते हुए वर्तमान समय में दिनकर के साहित्य की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला और छात्राओं को उन्हें पढ़ने और उनके आदर्शों को अपनाने पर बल दिया. डॉ प्रेरणा ने दिनकर के काव्य का ओजस्वी पाठ किया. डॉ उषा शरण, कुमारी मृदुलता, डॉ श्वेता, डॉ राकेश रोशन सिंह, डॉ संजय कुमार दास, डॉ मसूद अली दीवान, डॉ मिताली मीनू, डॉ चिन्मयी मोहंती, डॉ स्नेहा, डॉ अंकिता श्रीवास्तव, डॉ रुचि गौड़, डॉ भूपेंद्र प्रसाद, डॉ अनीता मिश्रा, डॉ प्रेरणा प्रिया, डॉ रंजन कुमार और अन्य प्राध्यापकों ने दिनकर को याद करते हुए हिन्दी साहित्य में उनके योगदान पर बात की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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