अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत आउटसोर्सिंग एजेंसी व कर्मियों के बारे में विवि ने मांगा बिंदुवार ब्यौरा
आठ जनवरी को गठित कमेटी की ओर से एआर लीगल ने इस आशय की जानकारी तीन दिनों के अंदर तलब की है
पूर्णिया. अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत आउटसोर्सिंग एजेंसी व कर्मियों के बारे में पूर्णिया विवि ने बिंदुवार जानकारी मांगी है. बीते आठ जनवरी को गठित कमेटी की ओर से एआर लीगल ने इस आशय की जानकारी तीन दिनों के अंदर तलब की है. इसके तहत कॉलेजों को यह बताना है कि गर उसने किसी आउटसोर्सिंग एजेंसी का चयन किया है तो उस एजेंसी के नाम और उसके चयन की पूरी प्रक्रिया किस प्रकार से पूरी की. कार्यादेश और समझौता के बारे में भी अवगत कराना है. पूर्णिया विवि यह भी जानना चाहता है कि आउटसोर्सिंग एजेंसी के कितने कर्मी कॉलेज में अपनी सेवा दे रहे हैं. उन आउटसोर्सिंग कर्मियों के पद का पदनाम और कार्य की प्रकृति भी दर्शाने को कहा गया है. कॉलेजों को यह भी बताना है कि उक्त आउटसोर्सिंग कर्मी किस श्रेणी के अंतर्गत हैं. मतलब अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल, सुपरवाइजर रैंक आदि के बारे में भी बताने को कहा गया है. सबसे खास जानकारी पूर्णिया विवि ने यह मांगी है कि आउटसोर्सिंग कर्मी के चयन में रोस्टर का पालन किया गया या नहीं. वैसे कर्मियों को कितने मासिक मानदेय पर रखा गया है. गौरतलब है कि बीते जनवरी में विवि बनाओ संघर्ष समिति के संस्थापक डॉ. आलोक राज ने आउटसोर्सिंग कर्मियों के मामले पर पूर्णिया विवि का ध्यान आकृष्ट कराया था और यह दावा किया था आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए जो मानदेय निर्धारित किया गया है, वह उन्हें नहीं मिल रहा है. इस ध्यानाकर्षण के बाद तत्कालीक कुलपति प्रो पवन कुमार झा के निर्देश पर पूर्णिया विवि ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की. इस जांच कमेटी में प्रो संतोष कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष, विवि मनोविज्ञान विभाग, डॉ. मनोज कुमार, उपकुलसचिव(शैक्षणिक), डॉ. सुमन सागर असिस्टेंट रजिस्ट्रार(लीगल) और प्रो. प्रकाश रंजन दीन, बजट ऑफिसर शामिल किये गये.
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By Prabhat Khabar News Desk
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