एक ही परिवार, तीन अर्थियां, सदमे में डूबा पूर्णिया का सकमा गांव

Published by : Shruti Kumari Updated At : 12 Jun 2026 2:20 PM

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शोक में डूबा परिवार

Araria Road Accident: अररिया जिले के कुसियार गांव के समीप बीते बुधवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मां, बेटे और चाचा की मौत के बाद बुधवार की शाम जब तीनों के शव पूर्णिया के सकमा गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया.

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पूर्णिया के अमौर से सुनील कुमार की रिपोर्ट:

Araria Road Accident: अररिया जिले के कुसियार गांव के समीप बीते बुधवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मां, बेटे और चाचा की मौत के बाद अमौर प्रखंड की विष्णुपुर पंचायत स्थित सकमा गांव में मातम पसरा हुआ है. हादसे के कई दिन बाद भी गांव के लोग इस त्रासदी को भूल नहीं पा रहे हैं. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.

मृतकों की पहचान सकमा गांव निवासी गौतम कुमार झा (49), उनकी माता शांति देवी (60) तथा उनके चाचा मयानंद झा (60) के रूप में हुई है. बुधवार की शाम जब तीनों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया. एक साथ तीन अर्थियां उठने का दृश्य देख गांव का माहौल गमगीन हो गया.

पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक गौतम कुमार झा की पत्नी शुमी देवी पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उन्होंने बताया कि जब हादसे की सूचना मिली तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ. लेकिन लगातार परिजनों से खबर मिलने के बाद उनकी दुनिया ही उजड़ गई. घर के एक कोने में बेसुध बैठी शुमी देवी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.

मां की जिद ने बचा ली छोटे बेटे की जान

परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह जब परिवार के सदस्य घर से निकल रहे थे, तब शुमी देवी ने अपने छोटे बेटे दिनकर को साथ जाने से रोक दिया. उन्होंने कहा कि घर में अकेले रहने के कारण वह बेटे को अपने पास रखना चाहती थीं. पहले दिनकर जाने की जिद करता रहा, लेकिन आखिरकार मां की बात मानकर घर पर ही रुक गया. परिजन इसे ईश्वर की कृपा और मां की ममता का चमत्कार मान रहे हैं.

नवोदय में पढ़ते हैं दोनों बेटे

मृतक गौतम कुमार झा अपने दोनों बेटों की पढ़ाई को लेकर बेहद सजग थे. उनकी मेहनत और प्रयास का ही परिणाम था कि दोनों पुत्र नवोदय विद्यालय में चयनित होकर पढ़ाई कर रहे हैं. परिजनों के अनुसार गौतम झा का सपना था कि उनके बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सरकारी सेवा में जाएं. अब दोनों बेटों ने अपने पिता, दादी और दादा के सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया है.

पति और सास को खोने का दोहरा दर्द

बायसी प्रखंड में मनरेगा रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत गौतम कुमार झा अपने सरल और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे. उनकी पत्नी ने बताया कि पति के काम पर जाने के बाद घर में उनकी सास ही उनका सहारा थीं. अब एक ही हादसे में पति और सास दोनों को खो देने के बाद वह खुद को पूरी तरह अकेला महसूस कर रही हैं.

चाचा की मौत, चाची की हालत गंभीर

हादसे में मयानंद झा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी मधुलता देवी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है. परिजन उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं. मृतक के पुत्र जब्बू झा और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.

इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एक परिवार को गहरे जख्म दिए हैं, बल्कि पूरे सकमा गांव को शोक और सदमे में डुबो दिया है.

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