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सीएए-एनआरसी के खिलाफ संयुक्त वामदलों का भारत बंद आज, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

Updated at : 19 Dec 2019 8:35 AM (IST)
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सीएए-एनआरसी के खिलाफ संयुक्त वामदलों का भारत बंद आज, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

पूर्णिया : नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ गैर एनडीए दलों का सीमांचल में आंदोलन तेज हो गया है. इसके खिलाफ 19 दिसंबर को संयुक्त वामदलों ने और 21 दिसंबर को राजद ने बिहार बंद का आह्वान किया है. वामदलों के बिहार बंद को हम […]

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पूर्णिया : नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ गैर एनडीए दलों का सीमांचल में आंदोलन तेज हो गया है. इसके खिलाफ 19 दिसंबर को संयुक्त वामदलों ने और 21 दिसंबर को राजद ने बिहार बंद का आह्वान किया है. वामदलों के बिहार बंद को हम और जअपा ने भी समर्थन किया है.

इधर सीएए-एनआरसी के खिलाफ राजनीतिक दलों के धरना-प्रदर्शन का दौर लगातार जारी है. वामदलों के बिहार बंद को लेकर तैयारियां जोरों पर है. बैठक और नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से बंद को सफल बनाने की अपील की गयी है. माकपा के जिला सचिव सुनील सिंह, भाकपा माले के इस्लामुद्दीन, अविनाश पासवान एवं सीपीआइ के तबारक हुसैन ने 19 दिसंबर को आहूत बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की है. बंद को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये हैं.
नुक्कड़ सभा के जरिये जअपा ने की भारत बंद को सफल बनाने की अपील
: पूर्णिया. 19 दिसंबर को संयुक्त वामदलों के भारत बंद को सफल बनाने के लिए बुधवार को जन अधिकार पार्टी ने नुक्कड़ सभायें की. यह नुक्कड़ सभा लाइन बाजार, फोर्ड कम्पनी, खुश्कीबाग, गुलाबबाग, जीरो माइल, बस स्टैंड आदि जगहों पर किया गया.
इस मौके पर पार्टी के जिलाध्यक्ष इसराइल आजाद ने लोगों को सीएए और एनआरसी की आड़ में केन्द्र सरकार के खतरनाक मंसूबे को जनता के समक्ष रखा. उन्होने नागरिकता संशोधन कानून को काला कानून की संज्ञा देते हुए कहा कि इस कानून की आड़ में देश को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है जो गलत है. उन्होंने कहा कि भारत धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है.
यहां सभी धर्म और सभी जातियों के लोगों को समान अधिकार प्राप्त है. उन्होंने इस काले कानून को वापस लेने पर पुनर्विचार करने की मांग की है. जन अधिकार पार्टी युवा परिषद् प्रदेश प्रवक्ता राजेश यादव ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर केन्द्र सरकार नागरिक संशोधन कानून के माध्यम से देश को तोड़ने की साजिश रच रही है.
प्रवक्ता ने कहा कि 19 दिसंबर को वामदलों के बिहार बंद का जन अधिकार पार्टी ने समर्थन किया है. मौके पर किसान प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध यादव, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष डब्लू खान, युवशक्ति जिलाध्यक्ष सुड्डू यादव, जियाउल हक, सुमित यादव, मुंशी यादव, आजाद, गोपाल सिंह, समिउल्लाह, अनिल राय आदि मौजूद थे.
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने ने किया बंद का समर्थन: पूर्णिया. 19 दिसंबर को संयुक्त वामदलों द्वारा आहूत भारत बंद के आह्वान का एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून विरोधी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने समर्थन किया है.
मोर्चा की ओर से आलोक यादव और कल्याणी ने जारी एक बयान में कहा है कि 16 दिसंबर को पूर्णिया में आयोजित विशाल प्रतिरोध सभा के बाद मोर्चे से जुड़े समूहों व संगठनों द्वारा यह निर्णय लिया गया कि एनआरसी व नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का मोर्चा न केवल समर्थन करेगा बल्कि अपनी भागीदारी भी निभाएगा.
कोसी-सीमांचल के सातों जिलों में मोर्चा एनआरसी और सीएए के खिलाफ विरोध करेगा. नेताओं ने कहा है कि 19 दिसंबर के भारत बंद को सफल बनाने में मोर्चा कोसी-सीमांचल के सातों जिलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगा. मोर्चा ने आम नागरिकों से भारत बंद में सहयोग और समर्थन देने की अपील की है.
सीएए के खिलाफ हम ने दिया धरना: पूर्णिया. नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने बुधवार को थाना चौक पर धरना दिया. धरना का नेतृत्व हम के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र यादव कर रहे थे. इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाये गये नागरिकता संशोधन बिल से पूरे देश में अस्थिरता के साथ हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
पूरा देश हिंसा की आग में जल रहा है. वहीं दूसरी ओर आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाले और 1947 में भारत को अपनी मातृभूमि के रूप में स्वीकार करने वाले एक धर्म विशेष के लोग के साथ अत्याचार होता अनुभव हो रहा है.
उन्होंने सवालिया लहजे में कहा है कि एक तरफ केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून में विशेष कर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के शरणार्थियों को सुविधा दी पर श्रीलंका, म्यंमार, भूटान सहित दर्जनों देश से आये शरणार्थियों को भारत की नागरिकता से क्यों वंचित किया गया? असम में 19 लाख लोगों को बाहरी बताया गया है जिसमें 17 लाख हिंदू बिरादरी के लोग शामिल हैं. शायद इन्हीं को ध्यान में रखकर सरकार नागरिकता संशोधन बिल को पास करवाया है.
श्री यादव ने केंद्र सरकार से इस कानून पर पुनर्विचार करते हुए देश हित में इसे वापस लेने का आग्रह किया है. बाद में श्री यादव के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल धरना स्थल से पैदल मार्च करते हुए समाहरणालय गेट पहुंचा और प्रदर्शन किया. यह पैदल मार्च थाना चौक, गिरजा चौक, टैक्सी स्टैंड,आरनसाह चौक से गुजरते होते समारहाणालय गेट पहुंचा.
इस धरना में रूपेश कुमार भारती, असलम परवेज, फैयाज आलम, कुमोद ऋषि, अनिकुल रहमान, दिलीप ऋषि, समिम अक्तर, अताउल रहमान, अमित कुमार, रंजीत कुमार, बेचन राम, शिवम कुमार, किसन, उमाकांत आनंद, महेश कुमार ऋषि, चंदन ऋषि, भुमेश्वर ऋषि ,सुखदेव ऋषि लीलो ऋषि इत्यादि लोग शामिल थे.
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