फर्जी उपस्थिति बनाने वाले शिक्षकों के साथ ही प्रधानाध्यापकों को भी हटाया जायेगा

जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की उपस्थिति पर शिक्षा विभाग की ओर से कड़ी नजर रखी जा रही है.
पटना: जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की उपस्थिति पर शिक्षा विभाग की ओर से कड़ी नजर रखी जा रही है. विभाग को शिक्षकों की ओर से फर्जी उपस्थिति बनाने की शिकायत मिलने के बाद कड़ा रुख अपनाया है. अब ई-शिक्षा कोष पर कोई भी शिक्षक फोटो या किसी तरह से भी फर्जी उपस्थिति दर्ज कराते हैं तो शिक्षक के साथ ही उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक को भी दोषी मानकर सेवा मुक्त कर दिया जायेगा. दिसंबर माह से विभाग की ओर से जिला स्तर पर गठित किये गये मॉनिटरिंग सेल शिक्षकों की उपस्थिति पर कड़ी नजर बना कर रखेगी. इसके साथ ही बिना अवकाश स्वीकृत कराये विद्यालय से अनुपस्थित रहेंगे तो उनको जवाब तलब किया जायेगा और उस दिन की सैलरी काट दी जायेगी. जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से सभी बीइओ को पत्र जारी कर शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सजग रहने को कहा गया है. इस निर्देश को नजरअंदाज करने पर किसी तरह की कोई रियात शिक्षक या स्कूल के प्रधानाध्यापकों को नहीं दी जायेगी. टैबलेट के माध्यम से स्कूलों पर रखेगा नजर : जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य की निगरानी अब टैबलेट से की जायेगी. शिक्षा विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट को अब विस्तार देने का काम शुरू कर दिया है. पूर्व में पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले में पांच स्कूलों में एक-एक टैबलेट बांटा गया था.
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