पटना. फुलवारीशरीफ से जुड़े प्रतिबंधित संगठन पीएफआइ मॉड्यूल की जांच के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को किशनगंज में छापेमारी करते हुए उत्तर पल्ली निवासी महफूज आलम और आफताब को हिरासत में लिया. दोनों को पहले ही पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया था. नोटिस के आधार पर टीम उन्हें टाउन थाना ले गयी जहां उनसे पूछताछ की गयी. पूछताछ के बाद आफताब को छोड़ दिया गया जबकि महफूज आलम से पूछताछ फिलहाल जारी है. जांच एजेंसी उसके नेटवर्क तथा संपर्कों को लेकर कई बिंदुओं पर जानकारी जुटा रही है. सूत्रों के अनुसार महफूज का नाम प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. यह भी जांच की जा रही है कि उसका फुलवारीशरीफ मॉड्यूल से कितना जुड़ाव रहा और किन लोगों के साथ उसका संपर्क सक्रिय था. ज्ञात हो कि वर्ष 2022 में फुलवारीशरीफ में पीएफआइ मॉड्यूल के खुलासे के बाद मामला बिहार पुलिस से एनआइ को सौंपा गया था. जांच में आतंकी गतिविधियों, हथियार प्रशिक्षण और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश के संकेत मिले थे. इसी मामले में सितंबर 2025 में महबूब आलम नदवी को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें चार्जशीट में 19वां आरोपी बताया गया है, जबकि अब तक 17 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और कुछ आरोपी अब भी फरार बताए जाते हैं. महबूब आलम नदवी जामिया मिल्लिया इस्लामिया का पूर्व छात्र और वर्ष 2016–17 में पीएफआइ का बिहार अध्यक्ष रह चुका है. एजेंसी को संदेह है कि वह युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने तथा गुप्त गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय था. एनआइए की छापेमारी किशनगंज और आसपास के इलाकों में जारी है. इस मामले में अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
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