कोरोना जांच का सैंपल एक लाख प्रतिदिन का लक्ष्य : नीतीश, कहा- पॉजिटिव मरीजों की संख्या के प्रतिशत में आयी गिरावट
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 11 Aug 2020 7:05 PM
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोरोना महामारी से मुकाबले के लिए अधिक सहायता देने की मांग की. प्रधानमंत्री से कहा कि बिहार में जुलाई महीने में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा प्रतिदिन की जा रही सैंपल जांच में भी तेजी लायी गयी है. अभी राज्य में 75 हजार से अधिक प्रतिदिन सैंपल की जांच हो रही है. हम एक लाख सैंपल प्रतिदिन जांच का लक्ष्य तय कर रहे हैं.
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोरोना महामारी से मुकाबले के लिए अधिक सहायता देने की मांग की. प्रधानमंत्री से कहा कि बिहार में जुलाई महीने में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा प्रतिदिन की जा रही सैंपल जांच में भी तेजी लायी गयी है. अभी राज्य में 75 हजार से अधिक प्रतिदिन सैंपल की जांच हो रही है. हम एक लाख सैंपल प्रतिदिन जांच का लक्ष्य तय कर रहे हैं.
वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिये मंगलवार को पीएम की समीक्षा बैठक में नीतीश कुमार ने दो कोवास 8800 मशीन मुहैया कराने को कहा. इससे प्रतिदिन जांच की संख्या 7200 और बढ़ जायेगी. उन्होंने अपने संबोधन में 10 लीटर और उससे अधिक क्षमता वाले पांच हजार ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर की आपूर्ति करने को कहा. साथ ही तीन हजार हाई फ्लो नेजल कैनुला की मांग की, जिससे गंभीर लक्षण वाले मरीजों को भी ऑक्सीजन की उपलब्धता आसानी से हो सके. पीएम ने मंगलवार को बिहार समेत 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की. इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का जनसंख्या घनत्व 1102 है, जो कि राष्ट्रीय औसत 382 की तुलना में काफी अधिक है. जनसंख्या घनत्व अधिक होने के कारण इस तरह की परिस्थितियों से निबटने में और ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि हमलोग प्रतिदिन 75 हजार से ऊपर जांच कर रहे हैं, लेकिन इसमें सबसे महत्वपूर्ण जांच आरटीपीसीआर जांच है, जो अभी 6100 की संख्या में ही की जा रही है. इसकी संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं. पांच और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था की जा रही है. इससे जांच की संख्या 2300 और बढ़ जायेगी. शीघ्र ही 10 आरटीपीसीआर मशीन और आरएन एक्सट्रक्टर मशीन की खरीद की जायेगी. इससे पांच हजार जांच की क्षमता और बढ़ेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक राज्य में 82 हजार 741 कोरोना पाजिटिव मरीज हैं. इनमें एक्टिव मरीजों की संख्या 28 हजार 151 है. 54 हजार 139 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं और अब तक 450 लोगों की मौत हो चुकी हैं. राज्य का रिकवरी रेट 65.43 प्रतिशत है. पहले से जांच की संख्या अधिक होने से पाजिटिव केस 7.5 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत पर आ गये हैं. राज्य का मृत्यु दर 0.54 प्रतिशत है. अब तक कुल 10 लाख 97 हजार 252 लोगों के कोरोना संक्रमण की जांच की जा चुकी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग प्रतिदिन कोरोना संक्रमण जांच की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. अब प्रतिदिन 75 हजार 346 जांच की जा रही है. 6100 जांच आरटीपीसीआर मशीन द्वारा की जा रही है. इसमें सरकारी जांच केंद्रों पर 4900 और निजी जांच केंद्रों पर 1200 जांच किए जा रहे हैं. 4400 जांच ट्रू-नेट मशीन द्वारा की जा रही है और 65 हजार जांच रैपिड एंटीजन किट्स के द्वारा की जा रही है. उन्होंने कहा कि प्राइमरी हेल्थ सेंटर तक जांच की व्यवस्था की गयी है. सभी कंटेनमेंट जोन में सौ प्रतिशत जांच करायी जा रही है. बाढ़ राहत केंद्रों और सामुदायिक रसोई केंद्रों पर भी सभी लोगों की कोरोना संक्रमण की जांच करायी जा रही है.
मुख्यमंत्री ने बिहार में कोरोना महामारी को लेकर की जा रही उपायों का विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण से निबटने के लिए त्रिस्तरीय इलाज की व्यवस्था की गयी है. 310 कोविड केयर सेंटर, 150 डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर और 10 मेडिकल कॉलेजों में डेडिकेटेड कोविड हेल्थ अस्पताल में इलाज की जा रही है. इनमें अभी 32124 बेड उपलब्ध हैं, जिनकी संख्या बढ़ा कर 70 हजार करने की कोशिश की जा रही है. 10 हजार 482 ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध हैं, जिसमें 2482 ऑक्सीजन गैस पाइप के माध्यम से तथा आठ हजार ऑक्सीजन सिलिंडर के माध्यम से बेडों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है.
सीएम ने कहा कि होम आइसोलेशन में रहनेवाले लोगों को नि:शुल्क मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. उन्हें टेली मेडिसिन और मेडिकल किट्स भी उपलब्ध कराये गये हैं. कॉल सेंटर के माध्यम से मरीजों के दैनिक स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है. मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को पीएम केयर फंड के माध्यम से पांच सौ बेड के दो कोविड अस्पतालों का निर्माण पटना के पास बिहटा और मुजफ्फरपुर में कराये जाने के लिए धन्यवाद दिया.
सीएम ने कहा कि बिहार में हम सभी लोगों की टेस्टिंग कराना चाहते हैं, जिससे कोरोना संक्रमितों की पहचान कर उनका बचाव किया जा सके. लोगों को कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक किया जा रहा है. 90 प्रतिशत से अधिक लोग अब मास्क का प्रयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण पूरी दुनिया में फैला हुआ है और ये कब तक चलेगा यह कहा नहीं जा सकता है. पूरे विश्व में इसकी वैक्सीन के लिए काम चल रहा है. पटना के एम्स में भी वैक्सीन का पहला ट्रायल किया गया है. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से निबटने के लिए केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है. हमलोग केंद्र की गाइडलाइन्स का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं. कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को हरसंभव राहत देने के कार्य किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि हमसब मिल कर कोरोना संक्रमण से निबटने में सफल होंगे.
Posted By : Kaushal Kishor
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










