संवाददाता,पटना राज्य के पूर्णिया, वाल्मीकिनगर व मुजफ्फरपुर समेत सात शहरों तक हवाई मार्गों से पहुंचना अब आसान होगा. उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत केंद्र सरकार ने बिहार के बीरपुर, सहरसा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, वाल्मीकिनगर, मधुबनी और पूर्णिया शहरों में हवाई अड्डों को विकसित करने के लिए 190 करोड़ रुपये की आवंटित किये हैं. नागरिक उड्डयन मंत्रालय की 15वीं परियोजना मूल्यांकन समिति (पीइसी) की बैठक में उड़ान के अंतर्गत हवाई अड्डों के विकास के लिए पूंजीगत व्यय की समीक्षा की गयी. नयी दिल्ली के राजीव गांधी भवन में नागरिक उड्डयन सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया. इन हवाई अड्डाें के लिए इतनी राशि जारी : वीरपुर, सहरसा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, वाल्मीकिनगर एवं मधुबनी के लिए 25-25 करोड़ की राशि जारी की गयी है, जबकि पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए 40 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं. छोटे विमानों का परिचालन होगा इन सात स्थानों से : बिहार सरकार के अनुरोध पर राज्य में छोटे विमानों (20 सीट तक वाले विमान) की उड़ानों के संचालन के लिए इन सात हवाई अड्डों का चयन किया गया है. इसके मद्देनजर इनके विकास के लिए यह राशि केंद्र सरकार के स्तर से जारी की गयी है. इन हवाईअड्डों का विकास भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के स्तर से किया जायेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में नागर विमानन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए चार सितंबर, 2024 को मुख्य सचिव और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ बैठक की थी.इसके बाद इस साल 13 मार्च को मुख्यमंत्री ने पटना हवाई अड्डे के नये टर्मिनल एवं बिहटा सिविल इन्कलेव का निरीक्षण किया था. इस दौरान मुख्यमंत्री ने इन हवाई अड्डों के विकास के लिए राज्य सरकार का पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया था. छोटे विमानों का परिचालन होगा इन सात स्थानों से : बिहार सरकार के अनुरोध पर राज्य में छोटे विमानों (20 सीट तक वाले विमान) की उड़ानों के संचालन के लिए इन सात हवाई अड्डों का चयन किया गया है. इसके मद्देनजर इनके विकास के लिए यह राशि केंद्र सरकार के स्तर से जारी की गयी है. इन हवाईअड्डों का विकास भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के स्तर से किया जायेगा. विमानन संरचना में होगी बढ़ोतरी : उड़ान योजना से राज्य सरकार के स्वामित्व वाले हवाई अड्डों के विकास से राज्य में नागर विमानन संरचना में बढ़ोतरी होगी. राज्य में हवाई अड्डों के माध्यम से आपदा राहत के कार्य भी किये जाते हैं. उड़ान योजना का उद्देश्यः उड़ान योजना का उद्देश्य छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को हवाई मार्ग से जोड़ना है. इससे हवाई यात्रा सुलभ और किफायती हो सके. इसके अंतर्गत हवाई अड्डों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. रोजगार के नये अवसर उत्पन्न होंगे.
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