‘राबड़ी देवी डेढ़ बीता में हस्ताक्षर करती थीं’, तेजस्वी के बयान पर BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी का पलटवार

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rabri and sanjay saraogi

राबड़ी देवी और संजय सरावगी की फाइल फोटो

Bihar Politics: बिहार में सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है. अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर तेजस्वी यादव की टिप्पणी पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जोरदार पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी जब मुख्यमंत्री बनी थीं तब डेढ़ बित्ता में हस्ताक्षर करती थीं.

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Bihar Politics: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर दिए गए बयान को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बिहार के लिए वह ‘काला दिन’ था, जब राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया गया था.

‘राबड़ी देवी को नाम लिखना भी नहीं आता था’

पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव को बयान देने से पहले अपने परिवार के राजनीतिक इतिहास को भी याद रखना चाहिए.

उन्होंने दावा किया कि जब राबड़ी देवी मुख्यमंत्री बनी थीं, तब उन्हें ठीक से अपना नाम लिखना भी नहीं आता था. वे डेढ़ बित्ता में अपना हस्ताक्षर करती थीं. उन्होंने कहा कि बिहार में उस समय कई योग्य और पढ़े-लिखे नेता मौजूद थे, लेकिन लालू प्रसाद यादव ने सभी को किनारे कर अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया.

‘बिहार के लिए वह काला दिन था’

संजय सरावगी ने कहा कि राबड़ी देवी का मुख्यमंत्री बनना बिहार के लिए अच्छा फैसला नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय परिवारवाद को प्राथमिकता दी गई और योग्य नेताओं की अनदेखी की गई.

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क्या बोले थे तेजस्वी यादव?

इससे पहले तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने उन्हें ‘अंगूठा छाप मुख्यमंत्री’ बताया था. इससे पहले भी तेजस्वी ‘चीप मिनिस्टर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं.

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन बड़े लोगों को सस्ती दरों पर जमीन दी जा रही है.

टेंडर फिक्सिंग का मुद्दा भी उठाया

तेजस्वी यादव ने हाल ही में कथित टेंडर फिक्सिंग और रिशुश्री मामले को लेकर भी सरकार से कई सवाल पूछे थे. उनका आरोप था कि बड़े लोगों को बचाया जा रहा है, जबकि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि जिन विभागों में कथित गड़बड़ी हुई, वहां के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हो रही है. इससे पूरे मामले पर सवाल खड़े होते हैं.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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