Rohini Acharya: रोहिणी आचार्य और तेजस्वी यादव के बीच छिड़ी जंग में कूदी भाजपा, चिराग पासवान ने कही बड़ी बात

Author Ashish jha
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Rohini Acharya: बिहार में राजद की हार के बाद लालू परिवार में कलह बढ़ गई है. रोहिणी आचार्य ने परिवार और पार्टी से नाता तोड़ लिया है, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा के कुछ नेताओं ने इसे सत्ता की लड़ाई करार दिया है और परिवारवाद का आरोप लगाया है. अन्य नेताओं ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

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Rohini Acharya: पटना. बिहार में राजद की करारी हार के बाद लालू परिवार में कलह तेज हो गई है. लालू-राबड़ी की बेटी रोहिणी आचार्य ने पार्टी और परिवार से नाता तोड़ लिया है. रोहिणी के आरोपों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. तेजस्वी यादव और रोहिणी आचार्य के बीच छिड़ी जंग में अब भाजपा की कूछ गयी है. भाजपा के नेताओं ने इस मामले में रोहिणी का पक्ष लेते हुए कहा है कि तेजस्वी यादव जनता का ही नहीं परिवार का विश्वास भी खो चुके हैं.

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लालू परिवार के झगड़े को लेकर बीजेपी ने किया हमला

लालू परिवार के झगड़े को लेकर बीजेपी नेता निशिकांत दुबे और अमित मालवीय ने पोस्ट किया है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पोस्ट कर कहा कि औरंगजेब और तेजस्वी यादव में क्या समानता है? इसके साथ ही अमित मालवीय ने इस मामले पर पोस्ट कर लिखा-“रोहिणी आचार्य ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने पिता लालू प्रसाद को किडनी दान की, ताकि उनकी जिंदगी कुछ समय और बढ़ सके, लेकिन लालू ने अपनी बेटी रोहिणी के सम्मान से ज्यादा अपने बेटे तेजस्वी को तरजीह दी. आज रोहिणी आचार्या सार्वजनिक रूप से परिवार में चप्पल से पीटे जाने तक की बात कह रही हैं. यही है लालू परिवार की पितृसत्तात्मक, स्त्री-विरोधी और पुरुष-प्रधान मानसिकता का असली चेहरा. इनसे महिला सम्मान की अपेक्षा करना भी अनुचित है.”

सत्ता की लड़ाई में बिखड़ गया लालू परिवार

बीजेपी नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसे ‘सत्ता की लड़ाई’ करार दिया है. NDA के और भी नेताओं के भी बयान सामने आए हैं. सिरसा ने कहा, “रोहिणी आचार्य के इस्तीफे से वही बात स्पष्ट हो गई है, जो भाजपा बार-बार कहती रही है कि वहां परिवारवाद है, उनकी लड़ाई केवल सत्ता के लिए है, राजद में बिहार के विकास की कभी लड़ाई नहीं थी, ये बात स्पष्ट हो गई है. यह बहुत दुख की बात है कि जिन लोगों ने सालों तक शासन किया, उनके मन में कभी देश के लिए कोई भावना नहीं थी.”

तेजस्वी पर परिवार संभालने में विफलता का आरोप

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए कहा, “जो लोग पूरे बिहार को चलाने का सपना देख रहे थे, वे अपना परिवार भी नहीं चला पाए। रोहिणी आचार्य ने कहा कि सवाल पूछने पर घर से बाहर निकाला जा सकता है, पीटा जा सकता है, यह कहीं न कहीं उस मानसिकता को दर्शाता है, जिस जंगलराज के लिए पूरा शासन जाना जाता था.”

मैंने हमेशा लालू यादव के परिवार को अपना परिवार माना- चिराग पासवान

केंद्रीय मंत्री और LJP(R) के प्रमुख चिराग पासवान ने RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने पर कहा, “मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा. हमारे राजनैतिक मतभेद जरूर हैं लेकिन मैंने हमेशा लालू प्रसाद यादव के परिवार को अपना परिवार माना है. मैं प्रार्थना करता हूं कि यह पारिवारिक विवाद जल्द से जल्द सुलझे, घर में एकता बनी रहती है तो इंसान बाहर कठिन परिस्थितियों से लड़ लेता है.”

‘जब महत्वाकांक्षा हावी हो जाए तो…’

HAM (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने कहा कि ये उनका अंदरूनी मामला है. कहते हैं बुरे वक्त में अपने भी साथ छोड़ देते हैं और जब महत्वाकांक्षा हावी हो जाए, तो परिवार में भी कलह होती है. जनता ने जो जनादेश दिया है, उसे सभी को स्वीकार करना चाहिए, चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष.

बीजेपी अध्यक्ष ने लालू-राबड़ी से की ये अपील

बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जयसवाल ने कहा, “मैं उस पारिवार के मामले में ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन लालू यादव और राबड़ी देवी से अनुरोध करूंगा कि परिवार को इस तरह नहीं बिखरना चाहिए. यह ठीक नहीं है कि रोहिणी आचार्य, जिन्होंने अपनी किडनी देकर लालू यादव की जान बचाई, उन्हें आज यह दिन देखना पड़ रहा है.”

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