भाजपा की बिहार सरकार से मांग, जाति गणना की आड़ में रोहिंग्या और बांग्लादेशी को नहीं मिले नागरिकता

Updated at : 28 Jan 2023 11:26 PM (IST)
विज्ञापन
भाजपा की बिहार सरकार से मांग, जाति गणना की आड़ में रोहिंग्या और बांग्लादेशी को नहीं मिले नागरिकता

जातिगत आरक्षण पर डॉ जायसवाल ने कहा कि जनसंघ काल से ही सामाजिक उत्थान के लिए किये जा रहे संवैधानिक कार्यक्रमों के हम पक्षधर रहे हैं. 1952 में एससी-एसटी के लिए लागू किये गये जातिगत आरक्षण के पक्ष में श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी थे.

विज्ञापन

भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शनिवार को दरभंगा में शुरू हुई. लहेरियासराय के प्रेक्षागृह में इसका उद्घाटन किया गया. अध्यक्षीय संबोधन में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने प्रदेश सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरा. उन्होंने जाति गणना पर कहा कि हम जाति गणना के पक्ष में हैं. विधानसभा में इसके समर्थन में अपना मत दिया था. हम चाहते हैं कि जाति गणना पूरी तरह से पारदर्शी हो. इसकी आड़ लेकर कोई रोहिंग्या या बांग्लादेशी भारतीय नागरिक नहीं बने. प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए. भाजपा का स्पष्ट मानना है कि अल्पसंख्यक समाज की जिन अगड़ी जातियों को 1998 के बाद पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा का दर्जा दिया गया है, उसे हटाया जाये. इससे सही मायने में पिछड़ा एवं अतिपिछड़ों को आरक्षण का लाभ मिल सकेगा.

जातिगत आरक्षण पर बोले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष 

जातिगत आरक्षण पर डॉ जायसवाल ने कहा कि जनसंघ काल से ही सामाजिक उत्थान के लिए किये जा रहे संवैधानिक कार्यक्रमों के हम पक्षधर रहे हैं. 1952 में एससी-एसटी के लिए लागू किये गये जातिगत आरक्षण के पक्ष में श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी थे. जनता पार्टी की सरकार में जब 1977 में अटल जी एवं आडवाणी जी मंत्री परिषद के सदस्य थे, तो मंडल कमीशन के गठन में उनकी प्रमुख भूमिका थी. इस कमीशन के जरिए जब वीपी सिंह की सरकार में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू हुआ, तब भी हम सरकार में शामिल थे.

इडब्ल्यूएस व्यवस्था लागू कर कर्पूरीजी को दी गयी सच्ची श्रद्धांजलि 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2006 में कर्पूरी ठाकुर के फार्मूले के आधार पर जब अतिपिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का वर्गीकरण हुआ, उस समय भी हम सरकार के साथ ही थे. 1977 में कर्पूरी ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार में अतिपिछड़ों की पहचान में भी भाजपा साथ थी. सवर्णों की कमजोर आर्थिक स्थिति के लिए इडब्ल्यूएस कोटे की बात सबसे पहले कैलाशपति मिश्र ने की थी. मौजूदा मोदी सरकार ने इडब्ल्यूएस व्यवस्था लागू कर कर्पूरीजी को सच्ची श्रद्धांजलि दी है. वहीं मौजूदा प्रदेश सरकार के मंत्री इडब्ल्यूएस आरक्षण वालों को अंग्रेजों की घंटी बजाने वालों का दर्जा देते हैं. मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री इस पर कुछ नहीं बोलते हैं.

Also Read: मौसम के कारण अब नहीं बाधित होगी पटना एयरपोर्ट पर विमानों की लैंडिंग, मिलेगी रियल टाइम मौसम की जानकारी
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल रहे ये नेता 

बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के दर्जनों नेता शामिल हैं. इसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा, विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी, पूर्व मंत्री मंडल पांडेय, नंद किशोर यादव, गोपाल नारायण सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री रितुराज सिन्हा, बिहार-झारखंड संगठन महामंत्री भिखु भाई दलसानिया, बिहार प्रभारी विनोद तावरे सहित कई कद्दावर नेता शिरकत कर रहे हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन