पोस्टकार्ड से पैदा होते हैं अमीरों के बच्चे!, बढ़ती जनसंख्या के सवाल पर जीतनराम मांझी का विवादित बयान

बिहार की सियासत में इन दिनों विवादित बयान देने की होड़ सी मच गयी है. सत्ताधारी दल से विपक्षी सदस्य तक, मंत्री से पूर्व मुख्यमंत्री तक कोई पीछे रहने को तैयार नहीं है. हर कोई विवादित बयान देकर चर्चा में बने रहना चाहता है.
पटना. बिहार की सियासत में इन दिनों विवादित बयान देने की होड़ सी मच गयी है. सत्ताधारी दल से विपक्षी सदस्य तक, मंत्री से पूर्व मुख्यमंत्री तक कोई पीछे रहने को तैयार नहीं है. हर कोई विवादित बयान देकर चर्चा में बने रहना चाहता है. कोई अपने विचार के रूप में विवादित बयान दे रहा है तो कोई पुराने नेताओं के विवादित बयान का सहारा ले रहा है. कोई जगदेव प्रसाद का विचार बता रहा है, तो कोई केबी सहाय के बयानों को दोहरा रहा है. चंद्रशेखर, आलोक मेहता, सुरेंद्र यादव की कतार में अब नया नाम पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का जुड़ गया है. हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने रविवार को गया में एक विवादित बयान दिया है. बताया जाता है कि उन्होंने वर्षों पहले पूर्व मुख्यमंत्री केबी सहाय के विवादित बयान को दोहराया है.
दरअसल, चार विधायकों की बदौलत महागठबंधन की सरकार में हिस्सेदार बने जीतनराम मांझी का विवादित बयानों से पुराना नाता रहा है. मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने शराब और महिला को लेकर विवादित बयान दिया था. अब मांझी का जो ताजा बयान आया है वह दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री केबी सहाय का बयान है, जो उन्होंने जनसंख्या पर हुए बहस के दौरान रामगढ़ नरेश कामाख्या प्रसाद सिंह के सवाल पर दिया था. रविवार को गरीब संपर्क यात्रा के समापन समारोह में जीतनराम मांझी ने जनसंख्या नियंत्रण पर बोलते हुए केबी सहाय के उसी विवादित बयान को दोहराया. जीतनराम मांझी ने अमीरों के मुकाबले गरीबों की जनसंख्या ज्यादा तेजी से बढ़ने का कारण बताया. अमीरों की जनसंख्या ढाई प्रतिशत के हिसाब से बढ़ती है तो गरीबों की पांच प्रतिशत की रफ्तार से जनसंख्या बढ़ती है.
जीतनराम मांझी ने गया में खुले मंच से अमीरों के कम बच्चे होने और गरीबों के अधिक बच्चे होने का कारण बताया. जीतनराम मांझी ने कहा कि गरीब लोग अपनी पत्नी के साथ रहते हैं इसलिए अधिक बच्चे पैदा हो जाते हैं और अमीर लोग पत्नी से दूर रहते हैं इसलिए उनके बच्चे कम होते हैं. हालांकि मांझी ने कहा कि यह बयान उनका नहीं बल्कि तत्कालीन मुख्यमंत्री केबी सहाय का है. मांझी ने कहा कि विधानसभा में जनसंख्या को लेकर बहस हुई थी. उसमें कामख्या नारायण और केबी सहाय में जनसंख्या के मुद्दे पर टकरार हो गया था.
माझी ने उस बहस टकरार को याद करते हुए कहा कि बहस के दौरान कामख्या नारायण सिंह ने कहा था कि ये मुख्यमंत्री राज्य में क्या जनसंख्या नियंत्रण करेंगे, इनके तो खुद 7 बच्चे हैं. इसपर केबी सहाय ने कहा था कि वे तो अपनी पत्नी के साथ रहते हैं, इसलिए संबंध बन जाता है और बच्चे पैदा हो जाते हैं, लेकिन बड़े लोग रहते हैं दिल्ली में और पत्नी रहती है शिमला में और पोस्टकार्ड पर आप लोगों को बाल-बच्चा पैदा हो जाता है.
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