कैंपस : पुनपुन और मसौढ़ी के शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी में पीछे, नवंबर माह का कटेगा वेतन

शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की उपस्थिति इ-शिक्षा कोष के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में काफी सुधार हुआ है
संवाददाता, पटना शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की उपस्थिति इ-शिक्षा कोष के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में काफी सुधार हुआ है. विभाग की ओर से ऑनलइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ट्रायल शुरू होने के ढाई महीने बाद भी जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी बनाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. जिले में सबसे कम ऑनलाइन उपस्थिति पुनपुन और मसौढ़ी प्रखंड के शिक्षक दर्ज करा रहे हैं. पुनपुन में 40 प्रतिशत और मसौढ़ी में 44 प्रतिशत शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी नहीं बना रहे हैं. इसके अलावा नौबतपुर में 25 प्रतिशत, मोकामा में 27 प्रतिशत और बख्तियारपुर में 34 प्रतिशत शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी अब भी दर्ज नहीं कर रहे हैं. विभाग की ओर से यह निर्देश दिया गया है कि अब इ-शिक्षाकोष पोर्ट पर अपलोड की गयी ऑनलाइन हाजिरी के आधार पर मानदेय दिया जायेगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिले के कुल 22 हजार शिक्षकों में 20460 शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी नहीं दर्ज कर रहे हैं उनका नवंबर माह का वेतन काटा जायेगा. जितने दिन ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की जायेगी उतने दिनों का ही वेतन दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति बनाने में अब भी जिन शिक्षकों को समस्या हो रही है, तो उसकी शिकायत शिक्षक के लिए गठित किये गये कोषांग को बताएं. उन्होंने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी की गति बढ़ाने का निर्देश देते हुए प्रतिदिन की रिपोर्ट अपलोड करने को कहा है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




