पीयू : केमिकल के अभाव में प्रैक्टिकल पर ग्रहण

Author Ajay kumar
Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

बीएन कॉलेज के सायंस विभाग में बने लैब में आधुनिक उपकरणों और लैब असिस्टेंट की कमी की वजह से विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से प्रैक्टिकल करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है

विज्ञापन

संवाददाता, पटना

बीएन कॉलेज के सायंस विभाग में बने लैब में आधुनिक उपकरणों और लैब असिस्टेंट की कमी की वजह से विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से प्रैक्टिकल करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लैब में जरूरी केमिकल के अभाव में ही किसी तरह विद्यार्थी पुराने केमिकल के सहारे ही प्रैक्टिकल क्लास करने को मजबूर हैं. कॉलेज के फिजिक्स, केमिस्ट्री और बॉटनी लैब में नये पाठ्यक्रम के अनुसार प्रैक्टिकल के लिए नये उपकरणों की कमी है. जिसकी वजह से विद्यार्थी सिलेबस के अनुसार प्रैक्टिकल क्लास करने से वंचित रह जा रहे हैं. फिजिक्स डिपार्टमेंट के थर्ड सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने बताया कि सीबीसीएस पैटर्न के अनुसार लैब में आधुनिक उपकरणों की काफी कमी है. इसकी वजह से 18 में से चार यूनिट का ही प्रैक्टिकल क्लास हो पाया है. लैब में स्पीड अल्ट्रासोनिक वेव, सोनोमीटर, एक्लेरेशन ऑफ फ्लाइ वेव आदि की कमी की वजह से विद्यार्थी प्रैक्टिकल नहीं कर पा रहे हैं.

केमिस्ट्री लैब में बेसिक प्रयोग के लिए भी करना पड़ता है जतन

केमेस्ट्री विभाग के विद्यार्थियों ने बताया कि लैब में सीबीसीएस पैटर्न के तहत केमिकल की काफी कमी है. कई उपकरण डैमेज है, उसके सहारे ही प्रैक्टिकल क्लास होती है. हालांकि हाल ही में बर्नर के लिए गैस पाइप लाइन लगाया गया है. लेकिन आधुनिक उपकरणों की कमी की वजह से अधिकतर विद्यार्थी प्रैक्टिकल क्लास में शामिल ही नहीं होते हैं. लैब में स्पेक्ट्रोफोटो मीटर, आइआर यूवी, क्रोमेटोग्राफी से संबंधित प्रयोग ही नहीं पाते हैं. वहीं कंडक्टिविटी मीटर, पीएच मीटर, होपेंस बोटल जैसे उपकरणों की कमी की वजह से भी बेसिक प्रयोग के लिए भी विद्यार्थियों को जतन करना पड़ता है. इसके अलावा बॉटनी विभाग के लैब में भी अपारेटस और केमिकल के अभाव में विद्यार्थी नये पैटर्न के अनुसार प्रैक्टिकल नहीं कर पा रहे हैं. यहां डबल विंग यूवी, स्पेक्ट्रोफोटो मीटर, एलाइजा रीडर, थर्मल साइकलर, ट्रांस इलुमिनेटर आदि इक्यूपमेंट नहीं होने की वजह से विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल क्लास में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

लैब के लिए वर्षों से ग्रांट नहीं दिया जा रहा

कॉलेज इंटरनल रिसोर्स से ही लैब के उपकरणों की खरीदारी करता है. सरकार की ओर से लैब के लिए वर्षों से ग्रांट नहीं दिया जा रहा है जिसकी वजह से नये उपकरण का अभाव है. वहीं टीचर्स, लैब एसिस्टेंट और टेक्निशियन के पद पर बहाली नहीं होने की वजह से क्वालिटी एजुकेशन से विद्यार्थी वंचित रह जा रहे हैं.

– डॉ राजकिशोर, प्राचार्य, बीएन कॉलेज

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन