PM नरेंद्र मोदी ने दी बिहार को सौगात, कहा- कानूनों की आड़ में किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे थे देश में ताकतवर गिरोह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बिहार में 14,000 करोड़ रुपये की नौ राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास कर रहे हैं. इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार से पड़ोसी राज्यों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी. साथ ही सूबे के 45,945 गांवों को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवा से जोड़ने के लिए ‘घर तक फाइबर’ कार्यक्रम की शुरुआत कर रहे हैं.
देश की खेती को आत्मनिर्भर बनाने के हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे : नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के भारत का ये दायित्व है कि वो देश के किसानों के लिए आधुनिक सोच के साथ नयी व्यवस्थाओं का निर्माण करे. देश के किसान को, देश की खेती को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे.
रबी फसल में पिछले साल के मुकाबले किसानों को दिये गये 30 फीसदी अधिक एमएसपी : नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के प्रत्येक किसान को इस बात का भरोसा देता हूं कि एमएसपी की व्यवस्था जैसे पहले चली आ रही थी, वैसे ही चलती रहेगी. इसी तरह हर सीजन में सरकारी खरीद के लिए जिस तरह अभियान चलाया जाता है, वो भी पहले की तरह चलते रहेंगे. इस साल रबी में गेहूं, धान, दलहन और तिलहन को मिलाकर, किसानों को एक लाख 13 हजार करोड़ रुपये एमएसपी पर दिया गया है. ये राशि भी पिछले साल के मुकाबले 30 प्रतिशत से ज्यादा है.
एमएसपी पर किसानों को गुमराह करने में जुटे हैं कुछ लोग : नरेंद्र मोदी
मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में इन ऐतिहासिक बदलावों के बाद, इतने बड़े व्यवस्था परिवर्तन के बाद कुछ लोगों को अपने हाथ से नियंत्रण जाता हुआ दिखाई दे रहा है. इसलिए अब ये लोग एमएसपी पर किसानों को गुमराह करने में जुटे हैं. ये वही लोग हैं, जो बरसों तक एमएसपी पर स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को अपने पैरों की नीचे दबाकर बैठे रहे.
दालें, आलू, खाद्य तेल, प्याज जैसी चीजें अब एसेन्शियल कमोडिटी एक्ट से बाहर : नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये भी जगजाहिर रहा है कि कृषि व्यापार करनेवाले हमारे साथियों के सामने एसेन्शियल कमोडिटी एक्ट के कुछ प्रावधान, हमेशा आड़े आते रहे हैं. बदलते हुए समय में इसमें भी बदलाव किया है. दालें, आलू, खाद्य तेल, प्याज जैसी चीजें अब इस एक्ट के दायरे से बाहर कर दी गयी हैं. अब देश के किसान, बड़े-बड़े स्टोरहाउस में, कोल्ड स्टोरेज में इनका आसानी से भंडारण कर पायेंगे. जब भंडारण से जुड़ी कानूनी दिक्कतें दूर होंगी, तो हमारे देश में कोल्ड स्टोरेज का भी नेटवर्क और विकसित होगा, उसका और विस्तार होगा.
बहुत पुरानी कहावत है कि संगठन में शक्ति होती है : प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुत पुरानी कहावत है कि संगठन में शक्ति होती है. आज हमारे यहां ज्यादा किसान ऐसे हैं, जो बहुत थोड़ी-सी जमीन पर खेती करते हैं. जब किसी क्षेत्र के ऐसे किसान अगर एक संगठन बनाकर यही काम करते हैं, तो उनका खर्च भी कम होता है और सही कीमत भी सुनिश्चित होती है.
नया कानून कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं : नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब देश अंदाजा लगा सकता है कि अचानक कुछ लोगों को जो दिक्कत होनी शुरू हुई है, वो क्यों हो रही है. मैं यहां स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ये कानून, ये बदलाव कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं हैं. कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा. बल्कि ये हमारी ही एनडीए सरकार है, जिसने देश की कृषि मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर काम किया है. उन्होंने कहा कि कृषि मंडियों के कार्यालयों को ठीक करने के लिए, वहां का कंप्यूटराइजेशन कराने के लिए, पिछले 5-6 साल से देश में बहुत बड़ा अभियान चल रहा है. इसलिए जो ये कहता है कि नये कृषि सुधारों के बाद कृषि मंडियां समाप्त हो जायेंगी, तो वो किसानों से सरासर झूठ बोल रहा है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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