Dharmendra Death: इस खबर ने दिल को भीतर तक तोड़ दिया, धर्मेंद्र के निधन पर पवन सिंह ने लिखा भावुक करने वाला पोस्ट
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 24 Nov 2025 3:36 PM
सोर्स- पवन सिंह X हैंडल
Dharmendra Death: अभिनेता धर्मेंद्र का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया. लंबे समय से धर्मेंद्र बीमार चल रहे थे. हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल और फिर घर पर इलाज किया गया, लेकिन वे जीवन की अंतिम लड़ाई हार गए. उनके निधन पर पवन सिंह ने भावुक पोस्ट लिखा है.
Dharmendra Death: हिंदी फिल्म जगत ने एक बड़ा सितारा खो दिया है. मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. वे काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और सांस लेने में दिक्कत बढ़ने के बाद उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कुछ दिनों के उपचार के बाद स्थिति थोड़ी स्थिर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें परिवार के साथ रहने के लिए घर भेज दिया. यहां विशेष मेडिकल व्यवस्था की गई थी.
इसके बावजूद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही और सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली. धर्मेंद्र के निधन से फिल्मी जगत के साथ ही राजनीतिक और संगीत जगत में भी शोक की लहर है. भाजपा नेता और भोजपुरी कलाकार पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखते हुए इस दिग्गज अभिनेता के जाने को अपूरणीय क्षति बताया.
पवन सिंह ने लिखा- जिन्दगी से एक रौशन उजाला चला गया
बीजेपी नेता पवन सिंह ने लिखा, “धर्मेन्द्र जी के जाने की खबर ने दिल को भीतर तक तोड़ दिया है. आज ऐसा लगता है मानो पर्दे से नहीं, जिन्दगी से ही एक रौशन उजाला चला गया हो. मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे उनके साथ काम करने का अवसर मिला, सेट पर उनकी ममता, सरलता और इंसानियत आज भी याद करके आंखें नम हो जाती हैं. ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को परम शांति मिले.”
गजब का रहा फिल्मी सफर
धर्मेंद्र का सफर हिंदी फिल्म जगत में लगभग साठ वर्षों से अधिक रहा. बॉलीवुड में उन्हें प्यार से ही-मैन कहा जाता था. उनका फिल्मी करियर 1960 में दिल भी तेरा हम भी तेरे से शुरू हुआ, जिसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्मों में अपनी प्रतिभा दिखाई.
शोला और शबनम, अनपढ़, बंदिनी, पूजा के फूल, हकीकत, फूल और पत्थर, अनुपमा, खामोशी, प्यार ही प्यार, तुम हसीन मैं जवां, सीता और गीता, यादों की बारात और शोले जैसी अनगिनत फिल्मों ने उन्हें सिनेमा प्रेमियों के दिल में जगह बनाई.
अपने शानदार अभिनय और आकर्षक लुक के कारण धर्मेंद्र ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों की खूब सराहना पाई. उनके योगदान को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2012 में देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से नवाजा.
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निरहुआ और रवि किशन ने क्या कहा
दिनेश लाल यादव निरहुआ ने धर्मेंद्र की ब्लैक एंड व्हाइट फोटो पोस्ट करते हुए लिखा, “अलविदा बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र जी. भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता धर्मेंद्र का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया. यह पूरे बॉलीवुड के लिए एक अपूरणीय क्षति है. भावभीनी श्रद्धांजलि.”
रवि किशन ने फेसबुक पर धर्मेंद्र के साथ अपनी फोटो शेयर की. रवि किशन ने लिखा, “वरिष्ठ अभिनेता धर्मेंद्र जी, जिन्हें पूरे देश ने स्नेह से ही-मैन और धरम पाजी के रूप में अपने दिल में बसाया, आज 89 वर्ष की आयु में स्वर्गवासी हो गए. भारतीय सिनेमा के इस महान स्तंभ का जाना फिल्म जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है.”
उन्होंने आगे लिखा, “छह दशकों से भी अधिक लंबे उनके शानदार सफर ने करोड़ों दिलों को छुआ और हिंदी सिनेमा को नई ऊंचाइयां दीं. मेरे लिए उनका जाना व्यक्तिगत रूप से भी बेहद दुखद है. वे मुझे परिवार की तरह मानते थे और प्यार से बीबा मुंडा कहकर पुकारते थे. उनकी यादें, उनका स्नेह और उनका व्यक्तित्व हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे.”
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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