वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप: स्वर्ण पदक जीतने वाले दिलीप का पटना के मसौढ़ी में भव्य स्वागत

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स्वर्ण पदक जीतने के बाद दिलीप का भव्य स्वागत

Patna News: मसौढ़ी के बदरोई गांव निवासी दिलीप कुमार ने वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया है. मसौढ़ी लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया और शहरवासियों ने फूल-मालाओं से सम्मानित किया.

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Patna News: (अजय कुमार की रिपोर्ट) बिहार की माटी के लाल और मसौढ़ी के बदरोई गांव निवासी दिलीप कुमार ने वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल बिहार बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है. बुधवार को अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद मसौढ़ी पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया.

दिलीप कुमार के स्वागत का सिलसिला सरवां रेलवे गुमटी से शुरू होकर नगर परिषद, स्टेशन रोड, मेन रोड, थाना रोड और कर्पूरी चौक तक जारी रहा. जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और भारत माता की जय के नारों से माहौल देशभक्ति से सराबोर हो गया. स्थानीय लोगों ने कहा कि दिलीप की इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है और युवाओं के लिए प्रेरणा का नया उदाहरण प्रस्तुत किया है.

गुजरात में लहराया भारत का परचम

यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 4 से 8 जून तक गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित की गई थी. प्रतियोगिता में 40 से अधिक देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. दिलीप कुमार ने फॉरवर्ड बेंड स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. उनके इस प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की योग परंपरा और प्रतिभा का परचम लहराया.

बिहार के खिलाड़ियों में रहे सबसे बेहतर

वर्ल्ड योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2026 के लिए बिहार से चयनित पांच खिलाड़ियों में दिलीप कुमार का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा. उनकी इस सफलता को राज्य के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

स्वर्ण पदक जीतने के बाद भावुक दिलीप कुमार ने कहा कि उनका सपना देश के हर गांव में योग के प्रति लोगों को जागरूक करना है. उन्होंने कहा कि योग भारत की अमूल्य विरासत है और भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

दिलीप कुमार के स्वागत समारोह में नगर परिषद की मुख्य पार्षद पिंकी देवी, उप मुख्य पार्षद चंद्रकांत कुमार, वार्ड पार्षद उज्जवल कुमार, शंभू सिंह, मुकेश कुमार, रामाधार प्रसाद, शिक्षाविद राहुल चंद्रा, डॉ. सुधीर कुमार सिंह, विश्वरंजन सिंह, संतोष केसरी, डॉ. मंगल, मकसूद रजा, अरफराज साहिल, मुन्ना मांझी, आशीष देव समेत सैकड़ों खेल प्रेमी और स्थानीय लोग मौजूद रहे.

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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