PHOTOS: शक्ल लेते दिखने लगे हैं पटना मेट्रो के एलिवेटेड स्टेशन, जमीन के अंदर ‘महावीर’ से खुदाई की देखें तस्वीर

पटना मेट्रो स्टेशन तैयार हो रहे हैं. इसका काम जोर-शोर से चल रहा है. पटना मेट्रो के एलिवेटेड स्टेशन अब शक्ल लेते दिखने लगे हैं. जबकि जमीन के अंदर की खुदाई टनल बोरिंग मशीन के जरिए की जा रही है. टनल के जरिए खुदाई की देखें तस्वीरें..

पटना मेट्रो (Patna Metro) का काम जोरों पर चल रहा है. मोइनुल हक स्टेडियम से पटना विश्विद्यालय तक पटना मेट्रो भूमिगत खुदाई के लिए जमीन के 16 फुट नीचे लांच की गयी पहली टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘महावीर’ ने 85 मीटर की दूरी तय कर ली है. इसके साथ ही स्टेडियम के भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्य का इनिशियल ड्राइव पूरा हो गया है.

शुक्रवार से टीबीएम ने मेन ड्राइव यात्रा शुरू कर दी. मेट्रो अधिकारियों की मानें, तो अब टनल की खुदाई ऑटोमेटिक होगी, जिससे समय कम लगेगा.

टीबीएम को विश्विद्यालय तक की शेष दूरी तय कर ब्रेक थ्रू करने में नवंबर-दिसंबर तक का समय लग सकता है. यह दूरी करीब 1.3 किमी है.

भूमिगत मेट्रो लाइन का निर्माण तीन फेज में हाेता है प्रथम फेज में टीबीएम लॉन्चिंग शाफ्ट से टनल की खुदाई शुरू करती है. इसमें रिंग सेगमेंट्स को मैन्युअली लगाया जाता है, जिससे मशीन में लगे थ्रस्ट जैक अस्थायी रिंग सेगमेंट्स की मदद से टीबीएम को आगे बढ़ाते हैं. अगली प्रक्रिया के तहत टीबीएम मेन ड्राइव में पहुंचती है, जिसमें वह खुदाई के साथ स्थायी रिंग सेगमेंट्स लगाते हुए टनल का निर्माण करती है.

अधिकारियों के मुताबिक टीबीएम का सबसे अग्रिम भाग फ्रंट शील्ड में कटिंग हैड होता है, जिसकी मदद से टीबीएम मिट्टी को काटते हुए खुदाई करती है. मेन ड्राइव में इसका ऑटोमेटिक उपयोग होगा. कटिंग हैड में एक विशेष किस्म के केमिकल के छिड़काव की भी व्यवस्था होती है, जो कि कटिंग हेड पर लगे नॉजल द्वारा मिट्टी पर छिड़का जाता है.

मोइनुल हक स्टेडियम व आकाशवाणी भूमिगत मेट्रो स्टेशन के बाद राजेंद्र नगर भूमिगत स्टेशन निर्माण को लेकर ‘डि-वॉल केज’ डालने के लिए खुदाई शुरू हो गयी है. यह खुदाई राजेंद्र नगर टर्मिनल के सामने हो रही है. डीएमआरसी के मुताबिक ‘डि-वॉल केज’ लोहे की सरियाव मजबूत कंक्रीट से तैयार होता है, जिसे जमीन के अंदर काफी गहराई तक डाला जाता है.

डि-वॉल केज वॉल टनलिंग के दौरान खुदाई, स्लैब निर्माण या ट्रैक वर्क होने पर आसपास की जमीन की सतह को ढहने से बचाता है. मोइनुल हक स्टेडियम के पास इसे 82 फुट और आकाशवाणी के पास 25-30 मीटर गहरी व 1.5 मीटर चौड़ाई में जमीन में डाला गया था.

पटना मेट्रो के एलिवेटेड स्टेशन शक्ल लेते दिखने लगे हैं. शुक्रवार को प्रायोरिटी कॉरिडोर (मलाही पकड़ी से आइएसबीटी) पर आइएसबीटी मेट्रोस्टेशन निर्माण को लेकर पहला यू-गार्डर लांच किया गया. यह न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के पास है. डीएमआरसी अधिकारियों ने बताया कि पिलर पर रखे गये पियर कैप पर यू-गार्डर रखे जाते हैं. इन यू-गार्डर पर ही स्टेशन का निर्माण होता है.
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