पटना: लाइनमैन की संदिग्ध मौत में बिजली विभाग के एसडीओ समेत अन्य पर केस दर्ज, बच्चे की मौत के बाद मचा बवाल

मृतक की फाइल फोटो
Patna Lineman death : पटना में बिजली विभाग के लाइनमैन अनुराग राज की संदिग्ध मौत और एक बच्चे की सड़क दुर्घटना में मौत से हड़कंप मच गया है. लाइनमैन की पत्नी ने एसडीओ पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है.
Patna Lineman death : जक्कनपुर थाना क्षेत्र स्थित विद्युत (केटीपीएस) कॉलोनी में तीन वर्षीय बच्चे की सड़क दुर्घटना में मौत और लाइनमैन अनुराग राज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है. लाइनमैन अनुराग राज की पत्नी के आवेदन पर बिजली विभाग के एसडीओ अशोक कुमार सिन्हा एवं अन्य के खिलाफ जक्कनपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है. वहीं बच्चे की मौत के मामले में ट्रैफिक थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है.
पत्नी ने लगाया हत्या का आरोप
बेऊर थाना क्षेत्र के विशुनपुर पकड़ी निवासी लाइनमैन अनुराग राज की पत्नी स्नेहा ने आरोप लगाया है कि उनके पति की हत्या की गई है. उन्होंने एसडीओ अशोक कुमार सिन्हा और उनके सहयोगियों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है. सदर डीएसपी रंजन कुमार सिंह ने बताया कि घटना की सूचना बुधवार रात करीब 8:10 बजे मिली थी. पत्नी के बयान के आधार पर एसडीओ एवं अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. एफएसएल टीम ने घटनास्थल की जांच की है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट होगी.
'दोस्त को फोन कर कहा था- ये लोग मार देंगे'
परिजनों का आरोप है कि मौत से पहले अनुराग ने अपने एक मित्र को फोन कर कहा था कि "ये लोग मेरी हत्या कर देंगे." परिजनों का दावा है कि अनुराग को गार्ड रूम में बंद कर दिया गया था और बाहर से ताला लगा हुआ था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनुराग को बाहर निकालने की अनुमति किसी को नहीं दी गई.
परिजनों का कहना है कि खिड़की से बातचीत के दौरान अनुराग ने खुद को बचाने की गुहार लगाई थी. इसके बाद जब वे पुलिस को सूचना देने गए तो लौटने पर अनुराग मृत मिला. परिवार का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है.
'आत्महत्या संभव नहीं' : परिजन
परिजनों ने दावा किया कि अनुराग कभी कंधे पर गमछा नहीं रखते थे और शव जिस स्थिति में मिला, उसमें आत्महत्या की संभावना नहीं दिखती. उनका कहना है कि अनुराग का घुटना जमीन से सटा हुआ था और गमछे से फंदा बनाया गया था.
पत्नी स्नेहा ने बताया कि आठ जुलाई को एसडीओ अशोक कुमार सिन्हा ने फोन कर अनुराग को आवास पर बुलाया था. कुछ देर बाद उनके बड़े भाई का फोन आया कि अनुराग को मार दिया गया है. मौके पर पहुंचने पर पुलिस और स्थानीय लोग पहले से मौजूद थे. गार्ड रूम का ताला तोड़ने के बाद अंदर अनुराग का शव खिड़की से गमछे के सहारे लटका मिला.
सहकर्मियों ने लगाए शोषण के आरोप
गुरुवार को पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद लाइनमैनों और सहकर्मियों ने आरोप लगाया कि एसडीओ लाइनमैनों से आठ घंटे से अधिक ड्यूटी करवाते थे. उनसे निजी कार्य, चालक का काम और घरेलू काम भी कराया जाता था. विरोध करने पर नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती थी.
तीन साल पहले हुई थी शादी
अनुराग राज की शादी तीन वर्ष पहले हुई थी. उनकी डेढ़ वर्ष की एक बेटी है. वह पत्नी और बेटी के साथ बेऊर के विशुनपुर पकड़ी में रहते थे और परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे.
तीन वर्षीय बच्चे की सड़क हादसे में हुई थी मौत
बुधवार को जक्कनपुर थाना क्षेत्र स्थित विद्युत कॉलोनी में एसडीओ की स्कॉर्पियो से कथित रूप से धक्का लगने से तीन वर्षीय काव्यांश राज गंभीर रूप से घायल हो गया था. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
मृतक काव्यांश के पिता मंजीत कुमार बिजली विभाग में इंजीनियर हैं, जबकि उनके चाचा पुष्कर नूतन राजधानी अंचल में कार्यपालक अभियंता हैं. पुलिस के अनुसार, अनुराग राज स्कॉर्पियो लेकर एसडीओ के आवास की ओर जा रहे थे, तभी कॉलोनी गेट के पास खेल रहे बच्चे को वाहन ने टक्कर मार दी.
प्रदर्शन और जांच जारी
अनुराग की मौत से आक्रोशित परिजनों और लाइनमैनों ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया. न्यू बाइपास पर जाम लगाने का प्रयास किया गया, हालांकि पुलिस ने उन्हें हटाया. बाद में प्रदर्शनकारी बेऊर थाने पहुंचे और वहां घेराव कर कार्रवाई की मांग की. पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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