पीसीआर चालक का मोबाइल गुम, खाते से 2.40 लाख उड़ाए, महिला सिपाही के भाई से भी एक लाख की साइबर ठगी

सांकेतिक तस्वीर
Patna Cyber Crime : पटना पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात पीसीआर चालक का मोबाइल गुम होने के बाद साइबर ठगों ने यूपीआई आईडी बनाकर खाते से 2.40 लाख रुपये निकाल लिए. वहीं महिला सिपाही के भाई के खाते से भी एक लाख रुपये की निकासी का मामला सामने आया है. दोनों मामलों में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
Patna Cyber Crime : पटना पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) में तैनात चालक नंद कुमार सिंह का मोबाइल फोन गुम होने के बाद साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से 2.40 लाख रुपये की निकासी कर ली. मामले में पीड़ित ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
नंद कुमार सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के ज्ञानपुरा के निवासी हैं. उनके मोबाइल नंबर से बैंक खाता लिंक था. आरोप है कि मोबाइल हाथ लगने के बाद बदमाशों ने उसी के जरिए यूपीआई आईडी बनाकर खाते से 2.40 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए. नया मोबाइल और सिम लेने के बाद उन्हें खाते से रुपये निकासी की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई.
महिला सिपाही के भाई से भी एक लाख की ठगी
इधर, एसएसपी की स्टिक ड्यूटी में तैनात महिला सिपाही सुजाता कुमारी के भाई यशवंत कुमार का भी मोबाइल फोन गुम हो गया. मोबाइल गुम होने के बाद साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से एक लाख रुपये की निकासी कर ली. रुपये निकलने की जानकारी मिलने पर महिला सिपाही ने अपने भाई की ओर से साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई.
जांच में जुटी साइबर पुलिस
दोनों मामलों में साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस मोबाइल की लोकेशन, यूपीआई ट्रांजेक्शन और जिन खातों में राशि भेजी गई है, उनकी जानकारी जुटाकर साइबर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है.
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लेखक के बारे में
By निखिल अनुराग
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.
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