VIDEO : पटना में BPSC-BSSC के खिलाफ आंदोलन में अब क्या? 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद क्या होगा?

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पटना में छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सड़कों पर उतरे हैं. प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है, जबकि पुलिस की कार्रवाई ने हालात तनावपूर्ण बना दिए हैं. प्रभात खबर की ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम (आदर्श, रोहित कुमार वर्मा और राजकमल) ने पटना में हुए बड़े छात्र आंदोलन, उसकी प्रमुख मांगों, जमीनी स्थिति और प्रशासनिक व राजनीतिक हलचल का पूरा विश्लेषण किया है. ऊपर वीडियो में देखें...

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Patna Student Protest : पटना में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मांगों को लेकर छात्रों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है. गर्दनीबाग से लेकर डाकबंगला चौराहे तक अभ्यर्थियों के लगातार जारी प्रदर्शन के बीच छात्र नेताओं ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.

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छात्र नेता सौरभ कुमार ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 19 प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में रखा गया है और उनकी लोकेशन की जानकारी नहीं दी जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बर कार्रवाई में दो छात्रों के सिर फट गए और उन्हें टांके लगाने पड़े. उन्होंने इस मामले को लेकर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से हुई बातचीत का भी हवाला दिया.

चिराग पासवान ने छात्रों से की मुलाकात, CM सम्राट चौधरी के सामने BPSC, बेल्ट्रॉन और TRE-4 की मांगें रखीं

आंदोलन क्यों लंबा खिंचने के आसार हैं?

झारखंड में छात्र आंदोलन के बाद सरकार के झुकने और परीक्षा रद्द होने जैसे उदाहरणों से छात्रों में यह भरोसा बना है कि डटे रहने पर मांगें पूरी हो सकती हैं. प्रदर्शनकारी छात्र 'रांची-दिल्ली झांकी है, बिहार अभी बाकी है' के नारे के साथ आंदोलन जारी रखने की बात कर रहे हैं. चिराग पासवान, तेजस्वी यादव और पप्पू यादव जैसे नेताओं के समर्थन व छात्रों से मिलने पहुंचने के बाद यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक रूप ले चुका है.

डाकबंगला चौराहे पर भारी बवाल और बैरिकेडिंग टूटी

25 अगस्त को जेपी गोलंबर और गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे छात्रों ने तीन स्तर की भारी बैरिकेडिंग तोड़ डाली. डाकबंगला चौराहे पर पहली बार जिला प्रशासन द्वारा बड़ी लोहे की दीवारें और माइन प्रोटेक्टिव व्हीकल (MPV) तक तैनात किए गए. उग्र प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का सहारा लिया, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए.

इस दौरान टाउनशिप परियोजना का विरोध कर रहे हजारों किसान भी काले झंडे लेकर छात्रों के समर्थन में उतर आए.

TRE-4, डोमिसाइल और 70वीं BPSC मुख्य मुद्दे

प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में BPSC शिक्षक बहाली TRE-4 को सिंगल स्टेज (एकल परीक्षा) में कराना, नेगेटिव मार्किंग हटाना और शत-प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करना शामिल है. इसके अलावा अभ्यर्थी 70वीं BPSC में कथित अनियमितताओं की जांच कराने व इसे रद्द करने, 18 साल से लंबित लाइब्रेरियन बहाली का विज्ञापन निकालने, BPSC AE रिजल्ट शीघ्र जारी करने और BSSC की रुकी भर्तियों को पारदर्शी तरीके से पूरा कराने पर अड़े हैं.

यह भी पढ़ें : Explainer: TRE-4 में सिंगल एग्जाम से 70वीं BPSC तक, पटना में छात्रों के प्रदर्शन की क्या है वजह?

सियासी हलचल बढ़ी, गर्दनीबाग में डटे अभ्यर्थी

मध्य अगस्त से गर्दनीबाग में चल रहे धरने को विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ता पक्ष के नेताओं का भी साथ मिल रहा है. छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. यह भी प्लान किया जा रहा है कि आनेवाली रक्षाबंधन के दिन गर्दनीबाग में अनशन पर बैठी 15 छात्राएं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर उन्हें राखी बांधेंगी और अपने 15 सूत्री मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन लेंगी. गर्दनीबाग में डटे छात्र नेता सौरभ से प्रभात खबर रिपोर्टर रोहित सिंह ने बात की है, नीचे X पोस्ट में पूरी बातचीत देखिए...


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