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Patna Airport: बिहार के लोगों को नहीं भा रहा छोटे विमानों सफर, एक साल में बंद हुई तीन एटीआर की सेवा

Updated at : 03 Apr 2025 11:08 AM (IST)
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Patna Airport: विमानन कंपनियों को दरभंगा एयरपोर्ट और पटना एयरपोर्ट से छोटे विमानों के लिए पर्याप्त संख्या में यात्री नहीं मिल रहे हैं. पटना एयरपोर्ट से छोटे विमानों की आवाजाही धीरे-धीरे बंद होती जा रही है.

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Patna Airport: पटना. केंद्र सरकार एक ओर बिहार के 10 से अधिक शहरों में छोटे विमानों से सेवा शुरू करने के लिए एयरपोर्ट तैयार कर रही है, दूसरी ओर बिहार के लोगों को छोटे विमानों की सेवा पसंद नहीं आ रही है. विमानन कंपनियों को दरभंगा एयरपोर्ट और पटना एयरपोर्ट से छोटे विमानों के लिए पर्याप्त संख्या में यात्री नहीं मिल रहे हैं. पटना एयरपोर्ट से छोटे विमानों की आवाजाही धीरे-धीरे बंद होती जा रही है. पटना-अयोध्या, पटना- देवघर के बाद अब कोलकाता- पटना-कोलकाता मार्ग पर 72 सीटों वाले एटीआर को बंद कर दिया गया है. एक अप्रैल से प्रभावी नई समय सारणी में सुबह में कोलकाता से पटना के लिए उड़ान भरनेवाले विमान को शामिल तो किया गया है, लेकिन विमान में बुकिंग का विकल्प नहीं है.

अयोध्या, देवघर समेत एटीआर की कई सेवा हुए बंद

लगातार घाटे की वजह से छोटे विमानों की आवाजाही को लेकर विमानन कंपनियों में विशेष दिलचस्पी नहीं है. दरभंगा से कोलकाता के लिए महज एक एटीआर विमान सेवा में है, जबकि पटना एयरपोर्ट पर तो दो दिनों से कोलकाता-पटना मार्ग पर एटीआर विमान ने उड़ान नहीं भरा है. शेड्यूल में शामिल होने के बावजूद बुकिंग का विकल्प नहीं होने से यह स्पष्ट हो गया है कि निकट भविष्य में इस मार्ग पर एटीआर की आवाजाही नहीं होगी. विमानन कंपनियों का कहना है कि छोटे मार्गों पर पर्याप्त संख्या में यात्री नहीं मिल रहे हैं. बुकिंग में कमी से एटीआर से ईंधन का खर्च भी नहीं निकाल पा रही हैं. पटना एयरपोर्ट से पिछले एक साल के भीतर तीन एटीआर को बंद कर दिया गया है. कमोबेस यही स्थिति पटना-देवघर मार्ग पर देखी गई. पिछले कई हफ्तों से बुकिंग में आ रही गिरावट की वजह से पटना-देवघर फ्लाइट भी बंद कर दी गई.

समय को लेकर भी लोगों में उदासीनता

छोटे विमान अमूमन छोटे रूट पर ही चलते हैं. ऐसे में उनका वंदे भारत एक्सप्रेस से कड़ा मुकाबला है. पटना-लखनऊ, पटना-कोलकाता और पटना-रांची वंदे भारत के परिचालन के बाद से इन शहरों के लिए उड़ान भरनेवाले विमान में यात्रियों का टोटा रहने लगा है. विमान यात्रा में अधिक पैसे चुकाने के बावजूद एयरपोर्ट पर ही यात्रियों का तीन से चार घंटे का समय खप जा रहा था. ऐसे में यात्रियों ने वंदे एक्सप्रेस से सफर को बेहतर विकल्प के रूप में अपनाया. यही कारण है कि पटना-अयोध्या मार्ग पर विमान में लगातार घटती बुकिंग के बाद स्पाइस जेट ने इस मार्ग पर एक मात्र उपलब्ध एटीआर को बंद कर दिया.

एटीआर की खासियत

एटीआर 72 एक ट्विन-इंजन टर्बोप्रॉप शॉर्ट-हॉल क्षेत्रीय एयरलाइनर है, जिसे विमान निर्माता एटीआर (फ्रेंच: एवियन्स डी ट्रांसपोर्ट रीजनल या इटैलियन: एरेई दा ट्रैस्पोर्टो रीजनल) ने फ्रांस और इटली में विकसित और निर्माण किया है. यह फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी एरोस्पेशियल (अब एयरबस का हिस्सा) और इतालवी विमानन समूह एरीटालिया (अब लियोनार्डो एसपीए) का संयुक्त उद्यम है. इसके नाम में 72 संख्या विमान की 72 यात्रियों की सामान्य मानक बैठने की क्षमता से ली गई है. एटीआर 72 का उपयोग कॉर्पोरेट परिवहन, कार्गो विमान और समुद्री गश्ती विमान के रूप में भी किया गया है. छोटे रनवे पर इस विमान की लैंडिंग की सहजता की वजह से इस विमान की लोकप्रियता बढ़ी है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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