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बिहार में फर्जी दस्तावेज पर बन गये सैकड़ों पासपोर्ट, बड़े रैकेट का खुलासा

Updated at : 18 Jan 2025 10:53 AM (IST)
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Indian Passport

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Passport: क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने बिहार में सक्रिय दलालों की पहचान करने के बाद बिहार पुलिस से इनकी जानकारी साझा की है. पुलिस ने दलालों की गिरफ्तारी और उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

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Passport : पटना. बिहार में फर्जी दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट बनाने के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है. अधिकारियों की चौकसी से न सिर्फ ऐसे लोगों को पासपोर्ट बनाने से रोका गया बल्कि इस रैकेट से जुड़े 10 हजार से अधिक दलालों को चिह्नित भी किया गया है. क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने बिहार में सक्रिय दलालों की पहचान करने के बाद बिहार पुलिस से इनकी जानकारी साझा की है. पुलिस ने दलालों की गिरफ्तारी और उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

रोज आते हैं दस से बीस आवेदन

अधिकारियों के अनुसार पासपोर्ट कार्यालय के पास हर सप्ताह दस से बीस आवेदन ऐसे आते हैं जिसमें पासपोर्ट बनाने के लिए फर्जी शैक्षणिक कागजात का इस्तेमाल किया जाता है. जब आवेदन के साथ दिये गये कागजात की जांच होती है तो उसके फर्जी होने की बात सामने आती है. ऐसे आवेदन की क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा ट्रेस किया गया. ट्रेस करने के बाद इसके पीछे लिप्त लोगों की जानकारी जमा की गई और उनकी पूरी सूची पुलिस मुख्यालय को भेजी गई है.

एक साल में पकड़ में आए 11 हजार आवेदन

गोपालगंज, सीवान, पटना में सबसे ज्यादा दलाल चिह्नित पासपोर्ट के लिए फर्जी कागजात के साथ आवेदन करनेवाले सबसे ज्यादा गोपालगंज, सीवान और पटना में मामले आते हैं. इन तीनों जिले को मिलाकर दस हजार आवेदन पकड़ में आए हैं जिनके साथ फर्जी प्रमाण पत्र थे. सबसे ज्यादा साढ़े चार हजार केवल गोपालगंज जिले में दलाल चिह्नित हुए हैं. गोपालगंज, सीवान और पटना जिले से ग्यारह हजार आवेदन एक साल में पकड़ में आए हैं. इनसे संबंधित दलालों पर जल्द ही कार्रवाई किए जाने की तैयारी है.

तीन से चार गुना लेते हैं रुपये

पासपोर्ट बनाने के लिए 15 सौ शुल्क लगते हैं, लेकिन दलालों द्वारा फर्जी कागजात के साथ आवेदन करने पर तीन से पांच हजार रुपये तक लिये जाते हैं. इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन करने का झांसा भी देते हैं. ग्रामीण इलाके के लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने में दिक्कत आती है. ऐसे लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने के नाम पर भी हजारों रुपये वसूलते हैं.

40 हजार फर्जी दस्तावेज वाले आवेदन

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की माने तो पिछले 1 साल में 30 से 40 हजार आवेदन के साथ फर्जी कागजात पाए गए थे. अब किसी वजह से कागजात की सही जांच नहीं होती है तो ऐसे पासपोर्ट बन जाते हैं. लगातार ऐसे आवेदन पकड़ में आने के बाद अब क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय इसकी पूरी गहन जांच करता है. कागजात जांच प्रक्रिया कई चरणों पर की जाती है. पूछताछ होती है. इससेअब अधिक संख्या में आवेदन पत्र में आ रहे हैं.

क्या कहते हैं अधिकारी

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी स्वधा रिजवी कहती हैं, “हमारेपास हर दिन दस से 15 ऐसे पासपोर्ट बनाने के लिए आवेदन आते हैं जिनके पास फर्जी शैक्षणिक और अन्य कागजात होते हैं. कागजातों के सत्यापन के दौरान यह पकड़ में आता है. इसके पीछे जो लोग हैं, उनका पता चलने के बाद इसकी सूची पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई है. दलालों पर कार्रवाई की जाएगी.”

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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