एनसीइआरटी ने पाठ्यपुस्तकों पर आयी प्रतिक्रियाओं की जांच के लिए समिति गठित

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एनसीइआरटी ने पाठ्यपुस्तकों पर आयी प्रतिक्रियाओं की जांच के लिए समिति गठित

समिति पाठ्यपुस्तकों की विषय-वस्तु पर प्राप्त फीडबैक की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट जमा करेगी.

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संवाददाता, पटना एनसीइआरटी ने पाठ्यपुस्तकों के बारे में प्राप्त प्रतिक्रियाओं की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया है. समिति पाठ्यपुस्तकों की विषय-वस्तु पर प्राप्त फीडबैक की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट जमा करेगी. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया कि पैनल विशेष रूप से किस पाठ्यपुस्तक की जांच करेगा. यह समिति सभी सुझावों का अध्ययन करेगी और साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट देगी. एनसीइआरटी ने यह भी स्पष्ट किया कि जब भी किसी किताब की सामग्री या शिक्षण पद्धति को लेकर महत्वपूर्ण फीडबैक प्राप्त होता है, तो उसकी समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करना एक स्थापित प्रक्रिया है. हाल ही में आठवीं की नयी इतिहास की किताब में मुगल शासकों के शासन को लेकर कुछ नये दृष्टिकोण सामने आये हैं. इसमें बाबर को ‘निर्दयी विजेता’, अकबर के शासन को क्रूरता और सहिष्णुता का मिश्रण और औरंगजेब को सैन्य शासक बताया गया है जिसने गैर-मुस्लिमों पर फिर से कर लगाया. यह किताब एनसीइआरटी के नये पाठ्यक्रम के तहत पहली ऐसी पुस्तक है, जिसमें छात्रों को दिल्ली सल्तनत, मुगलों, मराठों और औपनिवेशिक युग की जानकारी दी गयी है. पहले ये विषय कक्षा सात में पढ़ाये जाते थे, लेकिन एसीएफएसइ 2023 के अनुसार अब इसे पूरी तरह कक्षा आठ में शिफ्ट कर दिया गया है.

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Anurag Pradhan

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