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Bihar Land Survey : खतियान, जमाबंदी के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे कार्यालय के चक्कर, मंत्री ने बताया कहां मिलेंगे दस्तावेज

Updated at : 07 Sep 2024 7:08 PM (IST)
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bihar land survey

Bihar Land Survey : बिहार में चल रहे जमीन सर्वे के लिए जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करने के लिए रैयत अंचल कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि इसके लिए आपको कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. यह दस्तावेज आपके मोबाइल और लैपटॉप पर उपलब्ध हैं.

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Bihar Land Survey : बिहार में चल रहे जमीन सर्वे के लिए खतियान, जमाबंदी पंजी, लगान रसीद जैसे कागजात ऑनलाइन उपलब्ध हैं. इसे कोई भी व्यक्ति राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड कर सकता है. इसके लिए अंचल कार्यालयों का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. ऐसे कागजात वेबसाइट से डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें और इनके साथ जमीन सर्वे का स्व घोषित आवेदन करें. स्वघोषणा की अंतिम तिथि निर्धारित नहीं की गई है. यह जानकारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने शनिवार को दी, जब कई रैयत उनसे यह शिकायत लेकर मिलने पहुंचे कि राजस्व कागजातों के लिए उन्हें राजस्व कार्यालय में चक्कर काटना पड़ रहा है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है.

स्वघोषणा के लिए नहीं निर्धारित की गई अभी कोई भी डेट

डॉ जायसवाल ने कहा कि आप अपने मोबाइल या लैपटॉप से विभाग के वेबसाइट पर जाकर कई प्रकार के दस्तावेज देख सकते हैं. बस उन्हें प्रिंट कीजिए और स्वघोषणा के साथ निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दीजिए. उन्होंने कहा कि अगर आपके पास कागजात कम हैं या आधे-अधूरे हैं तो भी स्वघोषणा कर दीजिये. स्वघोषणा के लिए अभी कोई कट ऑफ डेट यानी अंतिम तिथि निर्धारित नहीं है. उन्होंने कहा कि भूमि सर्वेक्षण के काम में आमलोगों को न तो चिंतित होना है ना ही किसी भी प्रकार से घबराना है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग रैयतों की समस्याओं से अवगत है और उनके समाधान के लिए पूरी तरह सजग और तत्पर है.

16 करोड़ राजस्व दस्तावेजों हैं ऑनलाइन

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने रैयतों से कहा कि विभाग ने करीब 16 करोड़ राजस्व दस्तावेजों को डिजिटाइज करा कर ऑनलाइन कर दिया है. इसमें करीब 35 हजार गांवों का खतियान भी शामिल है. इनकी मदद से आपको अपने पूर्वजों की जमीन के संबंध में जानकारी मिल सकती है. ये सभी मुफ्त में ऑनलाइन उपलब्ध हैं. भूमि सर्वे के लिए लगान रसीद भी ऑनलाइन या अद्यतन आवश्यक नहीं है. पूर्व की ऑफलाइन रसीद भी पूरी तरह से मान्य है.

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कैसे बनानी है वंशावली

जायसवाल ने यह भी कहा कि वंशावली काे लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां हैं. वंशावली आपको खुद से बनाना है. इसके लिए किसी भी व्यक्ति के पास या कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं है. न ही किसी से उसे सत्यापित कराने की आवश्यकता है. सादे कागज पर, अपनी वंशावली बनाएं और उसे स्वघोषणा के साथ संलग्न करें. यह पूरी तरह मान्य है.

कहां से प्राप्त करें दस्तावेज

मंत्री डॉ जायसवाल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति 12 प्रकार के राजस्व दस्तावेजों की डिजिटली हस्ताक्षरित प्रति भी मामूली शुल्क भुगतान कर ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं. इनमें कैडस्टल खतियान, रिविजनल खतियान, जमाबंदी पंजी प्रति, दाखिल खारिज वाद अभिलेख, राजस्व मानचित्र, दाखिल-खारिज पंजी, बंदोबस्ती अभिलेख, चकबंदी अभिलेख, भू-अर्जन अभिलेख, सीलिंग पंजी, लगान निर्धारण अभिलेख और मापी बाद अभिलेख शामिल हैं. इसके लिए विभाग के वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर भू-अभिलेख पोर्टल को क्लिक करना है.

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Anand Shekhar

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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