पटना में शराब तस्कर को पैसे लेकर छोड़ा, पांच कांस्टेबल और दलाल सहित एक दुकानदार गिरफ्तार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Aug 2022 9:18 PM
कंकड़बाग रोड नंबर एक निवासी शराब तस्कर फिरोज आलम ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पार्टी मनाने के लिए जेठुली में अपने दोस्त प्रवीण कुमार से 20 बोतल अंग्रेजी शराब खरीदी थी.
पटना के दीदारगंज चेक पोस्ट पर पुलिसकर्मियों द्वारा पैसा लेकर शराब तस्कर फिरोज आलम को पैसे लेकर छोड़ने का मामला प्रकाश में आया है. मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी डॉ मानवजीत सिंह ढिल्लो के निर्देश पर पांचों कांस्टेबलों के साथ ही दलाल व एक दुकानदार के खिलाफ दीदारगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज करते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया गया.
इन लोगों के पास से रिश्वत में मिले दस हजार रुपये, एक स्कूटी, 20 बोतल शराब व दो मोबाइल फोन बरामद किया है. पुलिस का दलाल और दुकानदार पैसों के लेन-देन में सहयोगी थे. पकड़े गये कांस्टेबल में अमरेंद्र कुमार अमर, विजय पासवान, राजकुमार, लक्ष्मण कुमार सिंह, दलाल प्रमोद कुमार व दुकानदार विकास कुमार शामिल हैं. एसएसपी डॉ मानवजीत सिंह ढिल्लो ने कांस्टेबल व अन्य की गिरफ्तारी की पुष्टि की.
जानकारी के अनुसार, कंकड़बाग रोड नंबर एक निवासी शराब तस्कर फिरोज आलम ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पार्टी मनाने के लिए जेठुली में अपने दोस्त प्रवीण कुमार से 20 बोतल अंग्रेजी शराब खरीदी थी. लेकिन इस मामले की जानकारी लीक हो गयी और पुलिसकर्मियों के दलाल प्रमोद कुमार ने शराब की खेप ले जाने की बात दीदारगंज चेक पोस्ट पर तैनात कांस्टेबल लक्ष्मण कुमार सिंह को दे दी. जैसे ही फिरोज आलम चेक पोस्ट के पास पहुंचा, वैसे ही कांस्टेबल लक्ष्मण कुमार सिंह व विशाल सिंह ने उसे रोक लिया और उसकी स्कूटी में रखे 20 बोतल शराब को जब्त कर लिया.
हालांकि इन पुलिसकर्मियों को शराब की बोतलों को पकड़ कर थाना को सौंपना मकसद नहीं था, बल्कि फिरोज आलम से रकम ऐंठ कर छोड़ देना था. चेक पोस्ट पर उस समय कांस्टेबल विजय पासवान व राजकुमार भी मौजूद थे. कांस्टेबल लक्ष्मण कुमार सिंह ने फिरोज से छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये मांगे. लेकिन फिर दलाल प्रमोद कुमार ने 30 हजार पर मामला तय कर दिया. इसके बाद फिरोज ने पैसे का इंतजाम करना शुरू कर दिया. फिरोज ने अपने दोस्त प्रवीण से 20 हजार मांगे और अपने भाई को 11 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से खाता में भेजने को कहा. इस पर उसके भाई ने 11 हजार रुपये खाता पर भेज दिया.
इसके बाद लक्ष्मण सिंह उसे चेक पोस्ट के समीप विकास की दुकान पर ले गया और उसके गुगल पे नंबर पर दस हजार रुपये स्थानांतरित करा दिया. साथ ही दुकानदार से अपने घर के ऑनलाइन माध्यम से खाता में डलवा लिया. फिरोज ने अपने दोस्त प्रवीण के माध्यम से फिर से दस हजार रुपये की व्यवस्था की और प्रमोद के माध्यम से कांस्टेबल लक्ष्मण कुमार सिंह को लाकर दे दिया. लक्ष्मण सिंह को मात्र 20 हजार रुपये ही मिले, जबकि बात 30 हजार पर तय हुई थी. इसलिए लक्ष्मण कुमार सिंह ने फिरोज आलम को तो छोड़ दिया, लेकिन उसकी स्कूटी व जब्त की गयी 20 बोतल शराब को दीदारगंज थाने को सौंप दिया.
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मामले की जानकारी मिलने पर सब इंस्पेक्टर रविरंजन कुमार जांच करने के लिए दीदारगंज चेक पोस्ट पर पहुंचे और केस दर्ज कर लिया. इसके बाद उन्होंने अनुसंधान शुरू किया तो पता चला कि चेक पोस्ट पर तैनात कांस्टेबलों ने फिरोज आलम से पैसे लेकर उसे छोड़ दिया. कांस्टेबलों से जब उन्होंने पूछताछ की तो उन लोगों ने साफ तौर से इंकार कर दिया.
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