IRCTC Scam: आज 5 जनवरी को दिल्ली हाइकोर्ट में IRCTC घोटाला मामले में सुनवाई हुई. इस दौरान आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव को राहत नहीं मिली है. दरअसल, लालू यादव की याचिका पर निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया है. इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से जवाब भी मांगा है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी.
13 अक्टूबर को तय हुआ था आरोप
दरअसल, 13 अक्टूबर को आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर आरोप तय कर दिये गए थे. कोर्ट की तरफ से कहा गया था कि लालू यादव की जानकारी में ही टेंडर प्रक्रिया में साजिश रची गई थी. कोर्ट ने लालू यादव से पूछा था, क्या आप आरोप स्वीकार करते हैं? इसके जवाब में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने कहा था, मैं दोषी नहीं हूं. सभी आरोप गलत हैं.
राबड़ी-तेजस्वी ने क्या कहा था?
उस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से भी पूछा गया था कि आप पर लगे आरोपों को लेकर क्या कहना है? इसके जवाब में राबड़ी देवी ने कहा था, मैं किसी भी तरह की साजिश या फिर धोखाधड़ी में शामिल नहीं हूं. साथ ही तेजस्वी यादव से सवाल किया गया था, यही आरोप आप पर भी लगे हैं. क्या आप आरोप स्वीकार करते हैं? इस सवाल पर तेजस्वी यादव ने भी आरोपों को गलत बताया था.
ये है पूरा मामला
ऐसे में लालू यादव ने निचली अदालत के आरोप तय करने वाले आदेश को चुनौती दी थी. जिसके बाद आज दिल्ली हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं दी है. मालूम हो, यह मामला तब का है जब लालू यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे. साथ ही 7 जुलाई, 2017 को सीबीआई ने एक एफआईआर दर्ज कर लालू प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े पटना, नई दिल्ली, रांची और गुरुग्राम स्थित 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी.
सीबीआई का दावा था कि सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए उनके पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. जबकि लालू प्रसाद के वकील का तर्क है कि उनके खिलाफ इस मामले में मुकदमा चलाए रखने का कोई वैधानिक तर्क नहीं है.

