जल जीवन हरियाली मिशन: झारखंड के अलग होने के बाद बिहार में रोपे गए 32 करोड़ पौधे

पाटन के ज्ञान भवन में जल जीवन हरियाली मिशन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश कुमार न कहा कि झारखंड से अलग होने के बाद अब तक करीब 10 करोड़ पौधे लगाये गये. अब हरित आवरण 15 फीसदी हो गया है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि झारखंड से अलग होने के बाद अब तक करीब 10 करोड़ पौधे लगाये गये. अब हरित आवरण 15 फीसदी हो गया है. ज्ञान भवन में जल जीवन हरियाली मिशन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऊंची सड़कों के किनारे पौधा लगवायें. हेलीकॉप्टर से पहले बिहार के इलाके सूखे दिखते थे, अब हरियाली दिखने लगी है. उन्होंने मौसम अनुकूल खेती और फसल अवशेष प्रबंधन पर जोर दिया. कहा कि फसल अवशेष जलाने के मामले में पहले चार ही जिला प्रभावित था, लेकिन अब तो नालंदा एवं पटना में भी फसल अवशेष जलाने का मामला बढ़ गया है. इसलिए लोगों को समझाना है कि खेत खराब हो जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1998 में वे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री थे ,उस समय इस फैक्ट्री को खोलने की मंजूरी मिली. उस बैठक में अधिकारियों से कहा था कि वहां बगल में तालाब बनवाना बेहतर होगा. उनकी बात मानकर चार तालाब बनवाये गये. इन तालाबों की खासियत यह है कि उस इलाके में दो साल बारिश नहीं होने पर भी तालाबों के जमा पानी से आर्डिनेंस फैक्ट्री का काम चल सकेगा. उन्होंने पहाड़ाें के बगल में तालाब बनवाने का निर्देश दिया.
वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरगामी सोच का महत्वपूर्ण कार्यक्रम जल-जीवन-हरियाली अभियान है. मंत्री विजय चौधरी मंगलवार को ज्ञान भवन में आयोजित जल-जीवन-हरियाली दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
इस कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चार ऐसे कामकाज की शुरुआत की है जिसे अपनाने से हमें अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी. इसमें पहला है कि हम कम से कम एक पौधा लगाएं. दूसरा मंत्र है कि पेड़ों की कटाई राेकें. तीसरा मंत्र है कि स्वच्छता का ध्यान रखें और चौथा मंत्र है कि शराबबंदी का पालन करें.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान में बहुत संरचनाएं बना रहे हैं, उनके मेंटेनेंस की नीति बनानी होगी. उन्होंने मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि सभी विभागों के साथ बैठक कर नीति लाने पर विचार करें.
कार्यक्रम में मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि नये साल के पहले मंगलवार को यह पहला जल-जीवन हरियाली अभियान का कार्यक्रम है. अब वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही शुरू हो रही है, ऐसे में अभियान के बचे लक्ष्य का आकलन कर सभी अधिकारी उसे पूरा करें. इसमें जल संचयन योजनाओं और सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार किया जाये.
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विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह ने कहा कि नया कृषि मैप जल-जीवन-हरियाली अभियान को ध्यान में रखकर बन रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार ऐसा राज्य है जहां समेकित रूप से एक लीडरशिप के नेतृत्व में जल-जीवन-हरियाली के तहत काम हो रहा है. इसमें 11 अवयव शामिल किये गये हैं और 15 विभागों के सहयोग से इसे किया जा रहा.
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लेखक के बारे में
By Anand Shekhar
Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.
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