Bihar News: अदाणी से HCL तक, बिहार में 36,000 करोड़ के प्रस्ताव पर काम शुरू, 10 लाख को मिलेगा रोजगार

Bihar News: बिहार में 36 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने लगे हैं. जिनमें 236 कंपनियों ने कार्य करना शुरू कर दिया है और 132 में उत्पादन शुरू हो गया है. इस निवेश से राज्य में उद्योगिक विकास होने के साथ साथ 10 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.
Bihar News: बिहार के औद्योगिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव दिखने लगे हैं. 13-14 दिसंबर 2023 को पटना में आयोजित इन्वेस्टर समिट में 278 कंपनियों के साथ 50,530 करोड़ रुपये के हुए एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग/ करार) में से 36 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने शुरू हो गये हैं. निवेश की यह कवायद 236 कंपनियों ने शुरू की है. इनमें से करीब 132 कंपनियों ने उत्पादन की कवायद भी शुरू कर दी है. इस आशय की जानकारी प्रदेश के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्र ने सोमवार को दी.
अदाणी और दूसरे बड़ी कंपनियां करेंगी 1000 करोड़ का निवेश
उद्योग मंत्री मिश्र ने बताया कि निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने की कवायद पूरी होते ही राज्य के औद्योगिक विकास और रोजगार पर उसके पड़े सकारात्मक प्रभाव की तस्वीर सामने आयेगी. सही मायने में बिहार पूर्वी भारत का ग्रोथ इंजन बनने की राह पर है. उन्होंने बताया कि बिहार में कंप्रेस्ड बायोगैस की यूनिट स्थापित की जायेंगी. ऑयल कंपनियां इस क्षेत्र में बड़ा निवेश करेंगी. इसी तरह राज्य के सभी अनुमंडलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किये जायेंगे. इससे युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि बिहार में अदाणी और दूसरे बड़े समूहों ने एक हजार करोड़ से अधिक के निवेश करने जा रहे हैं. यह उद्यमियों के बिहार पर बढ़ते भरोसे का प्रतीक है.

वन ब्लॉक -वन प्रोडक्ट होगा लागू
उद्योग मंत्री ने बताया कि बिहार अब वन प्रोडक्ट -वन डिस्ट्रक्ट के विचार से आगे बढ़ते हुए वन ब्लॉक -वन प्रोडक्ट को लागू करने जा रहा है. इसके जरिये हम प्रत्येक ब्लाक के उत्पाद को पहचान दिलाने चाहते हैं. बताया कि भागलपुर,बांका, गया में टेक्सटाइल जोन या क्लस्टर स्थापित करने के लिए केंद्र ने मंजूरी दे दी है. अमृतसर-कोलकाता कॉरीडोर और उस पर गया में विकसित किये जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के विकास पर सरकार 28 हजार करोड़ खर्च करेगी. इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा. बहुत जल्दी ड्रायपोर्ट भी स्थापित होगा. कहा कि राज्य में एक ऐसा ऑन लाइन सिस्टम विकसित किया जायेगा, जिससे उद्यमी की मांग और उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देंगे ताकत -वंदना प्रेयशी
उद्योग विभाग की सचिव वंदना प्रेयसी ने बताया कि विभाग की मंशा है कि एमएसएमइ के जरिये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जाये. यह सरकार की प्राथमिकता है, ताकि अधिकतर लोगों को रोजगार मिल सके. राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निवेशकों से लगातार संपर्क में हैं. बताया कि पीएमएफएमइ ओर दूसरी योजना में हम अग्रणी राज्यों में हैं. सीएम उद्यमी योजना के हाल ही में चयनितों को ट्रेनिंग दी जा रही है. बिहार को एक औद्योगिक राज्य बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं.
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नये औद्योगिक क्षेत्र करेंगे विकसित-कुंदन
बियाडा के मैनेजिंग डाइरेक्टर कुंदन कुमार ने बताया कि राज्य के सात जिलों मसलन अरवल, बांका, जमुई, सारण, शेखपुरा, कैमूर और शिवहर में अभी औद्योगिक क्षेत्र नहीं हैं, यहां जल्दी ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जायेंगे. उन्होंने बताया कि बिहार फाउंडेशन की गतिविधियां सकारात्मक दिशा में हैं. संवाद कार्यक्रम में उद्योग विभाग के वरिष्ठ अफसर मौजूद रहे.
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लेखक के बारे में
By Anand Shekhar
Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.
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