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बिहार के इस इकलौते स्टेशन पर रुकती है भारत की सबसे लंबी ट्रेन, 75 घंटे में तय करती है 4154 KM की दूरी

Updated at : 11 Jun 2025 1:05 PM (IST)
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VIVEK EXPRESS| India's longest train Vivek Express stops at Kishanganj railway station in Bihar

सांकेतिक तस्वीर

Vivek Express: भारत की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेन डिब्रूगढ़ विवेक एक्सप्रेस देश के 9 राज्यों से होकर गुजरती है, लेकिन बिहार में इसका ठहराव केवल एक स्टेशन- किशनगंज पर होता है. यह ट्रेन कन्याकुमारी से डिब्रूगढ़ तक 4154 किलोमीटर का सफर तय करती है.

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Vivek Express: भारत की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेन डिब्रूगढ़ विवेक एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22503) एक खास वजह से सुर्खियों में रहती है. यह ट्रेन दक्षिण भारत के छोर कन्याकुमारी से शुरू होकर देश के उत्तर-पूर्वी राज्य असम के डिब्रूगढ़ तक जाती है. कुल 4154 किलोमीटर की दूरी और 75 घंटे 25 मिनट के सफर के साथ यह ट्रेन भारतीय रेल नेटवर्क की सबसे लंबी रूट वाली यात्री ट्रेन मानी जाती है.

देश के 9 राज्यों से होकर गुजरने वाली यह ट्रेन करीब 60 बड़े स्टेशनों पर रुकती है. मगर हैरान करने वाली बात यह है कि बिहार जैसे विशाल और जनसंख्या घनत्व वाले राज्य में इसका सिर्फ एक ही ठहराव है- किशनगंज रेलवे स्टेशन.

किशनगंज में सिर्फ दो मिनट का ठहराव

विवेक एक्सप्रेस जब अपने तीसरे दिन की यात्रा में किशनगंज स्टेशन पहुंचती है, तो रात के 10:10 बजे यह स्टेशन पर आती है और सिर्फ दो मिनट यानी 10:12 बजे रवाना हो जाती है. इतना प्रतिष्ठित ट्रेन बिहार के बाकी किसी स्टेशन पर नहीं रुकती, जो किशनगंज को विशेष बनाता है. ट्रेन के किशनगंज पहुंचने से पहले मालदा टाउन और बाद में न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन (दोनों पश्चिम बंगाल में) इसके पड़ाव होते हैं.

ट्रेन का नाम और महत्व

विवेक एक्सप्रेस का नाम स्वामी विवेकानंद की स्मृति में रखा गया है और यह ट्रेन भारत की विविधता- सांस्कृतिक, भाषाई और भौगोलिक की प्रतीक मानी जाती है. कन्याकुमारी से डिब्रूगढ़ तक के लंबे सफर में यह ट्रेन भारत को उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक जोड़ने का कार्य करती है.

किशनगंज के लोगों के लिए सम्मान की बात

किशनगंज के लोगों के लिए यह एक गर्व का विषय है कि विवेक एक्सप्रेस जैसे प्रतिष्ठित ट्रेन का ठहराव सिर्फ उनके शहर में है. बिहार के जिन यात्रियों को इस ट्रेन से सफर करना हो, उन्हें किशनगंज से ही चढ़ना या उतरना होगा.

(सहयोगी सुमेधा श्री की रिपोर्ट)

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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