पटना: काम दिलाने का झांसा देकर राजस्थान में महिला और दो बेटियों को बेचा, गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

सांकेतिक तस्वीर
human trafficking News : धनरुआ पुलिस ने मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला और उसकी दो बेटियों को राजस्थान के कोटा से सकुशल बरामद किया है. गिरोह ने काम दिलाने का झांसा देकर उन्हें बेच दिया था.
human trafficking News : धनरुआ थाना क्षेत्र के पभेड़ा गांव की रहने वाली 21 वर्षीय पूजा कुमारी (पति राजू गिरी) मानव तस्करी गिरोह का शिकार हो गई. गिरोह के सदस्यों ने उसे और उसकी दो बेटियों को राजस्थान के कोटा में काम दिलाने का झांसा देकर ले जाकर एक व्यक्ति के हाथों बेच दिया. पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महिला और उसकी दो बेटियों को सकुशल बरामद कर लिया गया है. हालांकि, दो वर्षीय तीसरी बेटी की तलाश अभी जारी है.
काम दिलाने के बहाने ले गए राजस्थान
जानकारी के अनुसार, 23 जून को पूजा कुमारी पड़ोस की एक महिला के झांसे में आ गई. गिरोह के सदस्य उसे उसकी चार और तीन वर्षीय दो बेटियों के साथ राजस्थान के कोटा ले गए और वहां एक अज्ञात व्यक्ति के हाथों बेच दिया. वहीं दो वर्षीय तीसरी बेटी को पटना में एक महिला के पास यह कहकर छोड़ दिया गया कि तीन बच्चों के साथ काम करने में परेशानी होगी.
सास को फोन कर मांगी मदद
कोटा पहुंचने के बाद खरीदार ने पूजा का मोबाइल छीन लिया. किसी तरह एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से उसने अपनी सास को धनरुआ फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई. सूचना मिलते ही सास ने धनरुआ थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई.
गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार
पुलिस ने सबसे पहले पभेड़ा निवासी सुशीला देवी को हिरासत में लिया, जिसके माध्यम से पूजा कोटा गई थी. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में गया निवासी सुषमा कुमारी, भोजपुर निवासी सुनीता देवी और उनके पति अनिल राम तथा पटना निवासी नीलू देवी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार सभी आरोपी फिलहाल पटना के राजाबाजार इलाके में रहकर एक अस्पताल में कार्यरत हैं.
पुलिस के दबाव में महिला और बच्चियों की वापसी
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस आरोपियों के साथ कोटा जाने की तैयारी करने लगी तो दबाव में आकर आरोपियों ने अपने नेटवर्क के माध्यम से मंगलवार की सुबह पूजा और उसकी दो बेटियों को पटना बुला लिया. पुलिस ने तीनों को सकुशल बरामद कर लिया.
तीसरी बच्ची की तलाश जारी
धनरुआ थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि दो वर्षीय तीसरी बच्ची अभी बरामद नहीं हो सकी है और उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
पारिवारिक मजबूरी का उठाया फायदा
थानाध्यक्ष ने बताया कि पूजा का पति महाराष्ट्र की एक निजी कंपनी में काम करता है. अत्यधिक शराब पीने के कारण पति-पत्नी के संबंध ठीक नहीं थे. आर्थिक और पारिवारिक परेशानियों का फायदा उठाकर मानव तस्करी गिरोह ने पूजा को अपने जाल में फंसा लिया. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है.
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